परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत भारतीय नौसेना में शामिल

अपने ही देश में ही बनी पहली परमाणु संपन्न पनडुब्बी 'आईएनएस अरिहंत' भारतीय नौसेना में शामिल हो गई है। भारत अब स्वनिर्मित परमाणु संपन्न पनडुब्बी वाले गिने चुने देशों की कतार में शामिल हो गया।

अरिहंत पनडुब्बी 'सागरिका' [के 15] प्रक्षेपास्त्र से लैस होगी, जिसकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर है। अरिहंत का मुख्य हथियार इसकी मारक क्षमता है। यह समुद्र में आधे किलोमीटर की गहराई या उससे अधिक में रहकर समुद्र के भीतर से मिसाइल दागने में सक्षम है। छह हजार टन की पनडुब्बी में 85 मैगावाट क्षमता का परमाणु रिएक्टर है और इसकी सतह पर गति 12 से 15 नोट्स तथा पानी में गति 24 नोट्स तक जा सकती है। इस पनडुब्बी में 95 लोग सवार होंगे तथा यह तारपीडो और 12 बैलेस्टिक मिसाइलों समेत अन्य मिसाइलों से लैस होगी।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के लिए कार्यक्रम से जुड़े हरेक व्यक्ति को बधाई और इसके कुशल चालन के लिये शुभकामना ।

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