शुक्र मनाइये कि आप दिल्ली में नहीं रहते

कल शाम दिल्ली और आस-पास के इलाके में हुई 74 मिलीमीटर बारिश ने दिल्ली वालों jam-in-delhi को रुला दिया। जन मानस बारिश का बेसब्री से इंतजार करता है। कवियों नें और साहित्यकारों ने बारिश को लेकर अनेक रूमानी और मनोहर बाते लिखीं हैं. लेकिन कल शाम को हमने जो झेला वो इन सब से अलग था। कल शाम को हम लोग 5.30 बजे से लेकर रात 11 बजे तक जबर्दस्त जाम में फंसे रहे। एक जगह तो हम लोग साढ़े तीन घंटे तक फंसे रहे और एक इंच भी नहीं खिसके। इसी से आप अंदाज लगा सकते हैं किस कदर जाम था। आम तौर पर बारिश होने पर दिल्ली का सड़कों पर जाम लग जाता है और वाहन रेंगते हुये चलते हैं लेकिन कल तो सारे वाहन वहीं के वहीं फंस गये थे। दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वालों को ये सब बाते रोज ही झेलनी पड़ती है। संसद के सत्र के दौरान राजनैतिक पार्टियों द्वारा किये जाने वाली रैलियों और धरनों से भी अक्सर जाम लगता है। गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस के अवसरों पर भी यही होता है। जो लोग छोटे और मंझोले शहरों में रहते हैं उन्हें शुक्र मनाना चाहिये कि वो दिल्ली में नहीं रहते और कम परेशानी में जिन्दगी बिताते हैं।


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7 टिप्‍पणियां

  1. Some ppl. always crib ! Y don't u avail metro connectivity ? Delhi is a lovely green city ; specially the North area !

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  2. सही कहा आपने छोटे शहरों में इस तरह की समस्या नहीं है...सहूलियत है

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  3. @मुनीश जी,
    लगता है आप कार में जाम में नहीं फंसे कभी। रुके हुये जाम में परिवार के साथ अगर आप हों तो क्या आप दिल्ली में कार बीच सड़क में छोड़ कर जा सकते हैं? आपकी जानकारी के लिये बती दूं कि हर जगह मेट्रो नहीं है और दूसरी बात जो लोग कल शाम को मेट्रो से थे उनसे पूछिये - 1 घंटे की लाइन थी।

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  4. @मुनीशजी,

    क्या सारे लोग उत्तरी दिल्ली में रहते हैं या रह सकते हैं। जो लोग उत्तरी दिल्ली के हरे-भरे इलाके में नहीं रहते वो क्या करें।

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  5. शुक्र नहीं मना सकता जी.
    भोपाल जैसा स्वर्ग छोड़कर दिल्ली जैसे ... में रह रहा हूँ.
    ऊपर वाली लाइन में ... इसलिए कर दिया क्योंकि पत्नी कहती है कि "जिस जगह रहते हैं उसकी बुराई नहीं करनी चाहिए"

    वैसे मैं दिल्ली के सबसे शानदार इलाके दक्षिणी दिल्ली में रहता हूँ.:)

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