अंग्रेजी नामों वाली हिंदी फिल्में बन रही हैं

अंग्रेजी नाम वाली हिंदी फिल्में बन रही हैंअगर आप ने गौर किया हो तो शायद ये देखा हो कि आजकल प्रदर्शित होने वाली अधिकांश फिल्मों के नाम वांटेड, ऑल द बेस्ट, ब्ल्यू, वेक अप सिड, फ्रूट एंड नट, डू नॉट डिस्टर्ब  इत्यादि प्रमुख हैं। हालांकि पहले भी ऐसी फिल्में पहले भी बनती रही है लेकिन पिछले कुछ समय से इस तरह की अंग्रेजी नाम वाली फिल्में कुछ ज्यादा ही बन रही हैं। अपनी कॉमेडी फिल्मों के लिये प्रसिद्ध डेविड धवन  अंग्रेजी नाम का इस्तेमाल काफी समय से कर रहे हैं उनकी कई फिल्मों के नाम इसी तरह के थे जैस् कि कुली नंबर वन, आंटी नंबर वन, हीरो नंबर वन, बीबी नंबर वन, पार्टनर, लोफर, डू नॉट डिस्टर्ब इत्यादि रहे हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त निर्देशक मधुर भंडारकर की तो हर फिल्म का नाम अंग्रेजी का होता है। उन्होनें अब तक चांदनी बार, पेज थ्री, कॉरपोरेट, ट्रैफिक सिगनल, फैशन आदि बनाई हैं जो कि अंग्रेजी नामों की है और अब वो एक और फिल्म जेल लेकर आ रहे हैं। आने वाली कुछ फिल्में भी इसी तरह से आखिर क्या कारण है इस तरह से फिल्में बन रही है। कुछ बातें इस बात का शायद जबाब दे सकें
अंग्रेजी में हैं। पिछले कुछ दिनों में रिलीज हुई फिल्मों में
  • हिंदी फिल्में अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज होती हैं और अंग्रेजी नाम से थोड़ा फायदा मिल सकता है। हिंदी फिल्मों की अधिकांश कमाई प्रवासी भारतीयों द्वारा फिल्में देखने से होती है, लिहाजा उन्हीं के हिसाब से फिल्में बनती हैं।
  • इससे ये भी पता चलता है कि भारत में मल्टीप्लेक्स में फिल्मे देकने वाले मध्यम और उच्च वर्ग के लिये ही फिल्में बन रही हैं
  • ये भी पता चलता है कि देश के अंदर के देसी और अंदर के इलाकों के लोगों की समस्याओं और उससे संबंधित फिल्में अब कम बनने लगी हैं।
  • भारत में अंग्रेजी की स्वीकार्यता भी इससे पता चलती है।
मेरे विचार में अपवाद के रुप में तो अंग्रेजी नाम वाली हिंदी फिल्में तो ठीक हैं लेकिन अगर ये बहुतायत से होने लगे तो खतरे की घंटी है। हमें समय रहते चेत जाना चाहिये।

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3 टिप्‍पणियां

  1. ye kya kachra article h......thoughts ko express karne k liye movie banti h..ab agar isme english title ho toh problem kya h?? ye kya h samya rahte chet jaana chaye....kya bharat phir se gulam ban raha h kya???

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  2. ye kya kachra article h......thoughts ko express karne k liye movie banti h..ab agar isme english title ho toh problem kya h?? ye kya h samya rahte chet jaana chaye....kya bharat phir se gulam ban raha h kya???

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  3. EK DAM SAHI BAT HAI,80TH CENTURY MAIN MOSTLY LOWER OR MIDDLE CLASS KE ANUSAR FILM BANTI THI LEKIN AAJ TO JYADATAR LOG PAISE KE LIYE HI KAAM KARTE HAIN,JIS TARAF PAISA MILEGA USI TARAH KA KAAM KARENGE CHAHEY WAH GALAT YAA USSE IS GENERATION KO LOSS HO RHA HO,UNEH TO BAS PAISA......

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