एक दिन में छह पैग शराब से जा सकती है जान

पहले भी हमने कई बार यहां इस ब्लॉग पर लिखा है कि कैसे भारत में  शराब का जबर्दस्त प्रभाव चल रहा है।  गली गली में शराब की दुकानें और मयखाने खुल गये हैं। जिनको लत लग गई वो कई बार नकली शराब पीकर मारे जाते हैं। शराब के प्रभाव से घर उजड़ रहे हैं, शराब पीकर लोग सड़क पर दुर्घटना करके लोग अपने आप को और अन्य लोगों को मार रहे हैं।  लेकिन क्या मजाल कि कोई शराब के दुष्प्रभाव के बारे ंमें कुछ बोले, इस पर चर्चा करे। अब तो हालत ये है कि शराब पीने में महिलायें भी पुरूषों की बराबरी कर रही हैं।  बेचारे गांधीजी और कांग्रेस ने आजादी के आन्दोलन के समय शराब के खिलाफ कितना प्रचार किया, लोगों ने उसको माना भी और शराब छोड़ी भी। लेकिन अफसोस कि आजादी के बाद भारत में शराब का प्रचार और प्रसार बढ़ता ही जा रहा है। लोग शराब पीना शान की बात संमझते हैं। शादी ब्याह पार्टी बिना शराब के पार्टी नहीेे मानी जाती है। सरकार भी शराबियों की सुविधाओॆ का पूरा ध्यान रखती है

खैर जब अब शराब की अति हो गई है, तो कुछ लोगों को ध्यान आया और अब चार राज्यों - गुजरात, केरल, बिहार और नागालैंड में शराबबंदी की गई है।  और अब तो एक नया अध्ययन जो कि दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स द्वारा किया गया में सामने आया है जिसमें बताया गया है कि अगर आप रोजाना 6 पैग शराब पीते हैं तो आपकी जान भी जा सकती है। इसमें यह बात निकलकर सामने आई कि यह धारणा बिल्कुल गलत है कि कम मात्र में शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

इसे एम्स के डॉक्टरों ने सिरे से खारिज कर दिया और बताया कि शराब के सेवन से 200 तरह की बीमारियां होती हैं। जिन्हें पीने की लत हो उनके लिए तो शराब खतरनाक है ही, लेकिन जिन्हें पीने की लत नहीं है और किसी के बहकावे में आकर कभी-कभार इसका सेवन करते हैं उनके लिए ज्यादा घातक है। ऐसे लोग यदि साल में कभी एक बार शराब पीएं और एक ही दिन छह पैगया उससे ज्यादा ले लें तो मौके पर ही मौत हो सकती है। इसके कई कारण हो सकते हैं और ऐसे कई मामले देखे भी गए हैं।

एम्स के मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके खंडेलवाल ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि पहले के मुकाबले अब कम उम्र में शराब पीने की लगत बढ़ रही है। अब शहरों में 13 से 14 साल की उम्र में बच्चे शराब पीना शुरू कर देते हैं। सड़कों पर जीवन गुजारने वाले बच्चे 11-12 साल की अवस्था में शराब पीने लगते हैं। यूरोपीय देशों में इसका सेवन घट रहा है जबकि भारत में शराब का सेवन बढ़ रहा है। यह चिंताजनक स्थिति है क्योंकि शराब मस्तिष्क से लेकर शरीर के हर हिस्से को प्रभावित करती है। इसके सेवन से 200 तरह की बीमारियां होने का खतरा रहता है। इससे मस्तिष्क की सोचने समझने की शक्ति प्रभावित होती है और याददाश्त कमजोर होती है। एम्स के गैस्ट्रोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके आचार्या ने कहा कि लिवर की बीमारियों से पीड़ित करीब 50 फीसद मरीज शराब के सेवन के चलते बीमार पड़ते हैं।

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