नये वर्ष में रुपये पैसे के नये नियम

नये वर्ष में रुपये पैसे के नये नियम


नये वर्ष शुरु हो गया है और यह अपने साथ बहुत सारे ऐसे वित्तीय परिवर्तन लाया है जिससे कि आपके रुपये पैसे को यानी की आपको आर्थिक रूप से कुछ घाटा और कुछ लाभ होगा। रुपये पैसे के नये नियम बनाये गये हैं जिससे आपको कई सेवाओं के लिये अधिक मूल्य चुकाना पड़ सकता, वहीं कुछ सेवाओं पर आपको आर्थिक लाभ हो सकता है।

Charges on Financial Transactions नये वर्ष में रुपये पैसे के नये नियम


आइये देखते हैं कि नये वर्ष में क्या क्या ऐसे आर्थिक नियमों में परिवर्तन हुये हैं-

1. वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दर में परिवर्तन


सरकार ने पहले से ही बता दिया था कि नये वर्ष में 1 जनवरी से बने बनाये कपड़ों पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) 12% की दर से लगेगा। दरअसल अभी तक ₹1000 से कम के सिले सिलाये कपड़ों पर 5% की दर से GST लगता है, जिसको बदलकर कर 12% करने का प्रस्ताव था। लेकिन भला हो भारत में लगातार होने वाले चुनावों का 😉 कि अब इस बढ़े हुये 12% की दर के GST के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया है और इस विषय पर विचार करने के लिये एक समिति का गठन कर दिया गया है। अत: अभी सिले सिलाये कपड़ों को खरीदने में अधिक खर्चा नहीं करना पड़ेगा।


2. बैंक शुल्क में बढ़ोत्तरी


नये वर्ष में कई बैंको ने, खासकर कई निजी बैंको ने विभिन्न प्रकार के शुल्कों में बड़ी बढ़ोत्तरी की है। चैक वापस होने, क्रेडिट कार्ड के बिल जमा करने की आखिरी तिथि निकल जाने के बाद लगने वाला शुल्क इत्यादि को अच्छी खासी संख्या में बढ़ाया गया है।

3. बैंक लॉकर अब अधिक सुरक्षित हैं


एक जनवरी से बैंकों के लॉकर अधिक सुरक्षित हो सकते हैं क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) ने लॉकर को लेकर नये नियम लागू कर दिये हैं। अब किसी भी बैंक कर्मचारी द्वारा किये जाने वाले घोटाले, बैंक की बिल्डिंग गिर जाने पर, आग लगने पर, चोरी हो जाने पर बैंक लॉकर के किराये का 100 गुना उस बैंक को अपने ग्राहक को देना होगा।

लेकिन किसी प्राकृतिक घटना की स्थिति में जैसे कि भूकंप, बाढ़, बिजली गिरना, तूफान या फिर खातेदार की खुद की गलती में ये नहीं मिलेगा।

4. ऑनलाइन खाना मंगाना मंहगा हुआ


1 जनवरी से घर पर खाना मंगाने की सेवा देने वाली विभिन्न ऑनलाइन सुविधा सेवाओं जैसे की जोमैटो, स्विगी इत्यादि पर 5 की दर से सुविधा एवं सेवा कर (GST) लगाने से घर पर खाना मंगाना मंहगा हो गया है।


5. इंडिया पोस्ट पैमेंट बैंक के शुल्क में बढ़ोत्तरी


इंडिया पोस्ट पैमेंट बैंक जो कि भारतीय डाक विभाग का एक उपक्रम हैं, ने बैंक में नकद जमा किये वाले रूपये के ऊपर एक खास प्रकार का शुल्क लगा दिया है। एक जनवरी से लागू इस नियम के अनुसार महीने में चार बार रूपये निकालने की सीमा या फिर ₹10000 की निकासी के बाद 0.50% की और कम से कम ₹25 की दर से शुल्क लगेगा। नकद जमा करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

Rupee रूपया


6. आयकर विवरणी देर से जमा करने पर कम शुल्क


आयकर विवरणी (Income Tax Return) को देर से जमा करने पर अब कम शुल्क लगेगा। अभी तर किसी व्यक्ति द्वारा आयकर विवरणी देर से जमा करने पर ₹10000 रूपये का शुल्क लगता था जिसको कि अब घटा दिया दिया गया है। अब ₹5000 रूपये का ही शुल्क लगेगा लोकिन यदि आपके आयकर विवरण की सीमा 5 लाख रूपये तक है तो देरी पर लगने वाला जुर्माना ₹1000 रूपये रहेगा।

7. एटीएम (ATM) से पैसे निकालने की नई सीमा


एटीएम (ATM) से पैसे निकालने की नई सीमा 1 जनवरी से बदल दी गई है, जिसके अनुसार 5 बार रुपये निकालना ही फ्री है। दूसरे बैंक के एटीएम से रूपये निकालने की नई सीमा 3 बार है। इसके बाद के लेन-देन पर 21 रुपये (पहले ये दर 20 रूपये थी) प्रति व्यवहार की दर से शुल्क लगेगा।


8.छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज की यथास्थिति


सरकार द्वारा डाकघर से चलाऊ जाना वाली कई प्रकार की छोटी बचत योजनाओं तथा विभिन्न प्रोविडेंट फंडों में दी जाने वाली ब्याज दरों को यथास्थिति में रखा गया है। सरकार का इरादा तो इन ब्याज दरों को घटाने का है लेकिन विभिन्न राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावों की वजह से सरकार पीछे हट गई है और कुल मिलाकर पहले से मिल रही ब्याज दर ही लागू रहेगी।

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