सदाबहार हिंदी फिल्म डॉयलाग


  • मैं तुम्हारे बच्चे की मां बनने वाली हूं
  • मैं गरीब हूं ना, इसीलिये .....
  • भगवान, मैंने तुमसे आज तक कुछ नहीं मांगा .....
  •  ऐ जी सुनते हो...... आप बड़े वो हैं....
  • मैं तुम्हारे बिना नहीं जी सकती 
  • कानून के हाथ बहुत लम्बे होते हैं
  • रुक जाओ! कानुन को अपने हाथ में मत लो 
  • तमाम गवाहों के बयानात और सबूतों को मद्देनजर रखते हुये... ताजीराते हिंद.. दफा 302 के तहत ... मुजरिम को सजाऐ-मौत दी जाती है... 
  •  मुजरिम को बाइज्जत बरी किया जाता है
  • Muzrim ko ba-izzat bari kiya jaata hai"
  • "Main is Geeta per haath rakhkar yeh saugandh leta hoon ki jo bhi kahoonga sach kahoonga, aur sach ke siva kuch nahin kahoonga."
  • "Inspector! Giraftaar karlo issey"
  • "Raam Raam kaaka"
  • "Jug Jug jiyo beta "
  • "Ab hum kisi ko muh dikhaane ke layak nahin rahe"
  • "Kya issi din ke liye tujhe paal pos ke bada kiya tha?"
  • Typical farmer ka dialogue : "mainey is zameen ko apne khoon sey seencha hai"
  • Hero/heroine after opening their eyes in the hospital : "Main kahan hoon?"
  • "Mai kahti hoon, Door ho jaa meri nazron sey"
  • "Is ghar ke darwaaze, tumhare liye hamesha ke liye band hein"
  • A Prem-Chopra-type villian to the heroine/village belle : "In gori gori kalaiyon ko kaam karne ki kya zaroorat hai"
  • "Chhod do mujhe, bhagwaan ke liye chhod do"
  • "Maine tumhe kya samjha, Aur tum kya nikley!"
  • Doctor : " Ab Sab oopar waale key haath mein hai"
  • Doctor : "Chowbees ghante tak hosh nahin aiya to ..... "
  • "Agar Maa ka doodh piya hai to saamne aa."
  • "Jyaada hoshiayari karne ki koshish maat karna "
  • Amitabh in many movies : " Nahin chhodunga tujhe. Jaan sey maar daaloonga."
  • "Bhagwaan pe bharosa rakho. Sab thik ho jaiye ga"
  • "Woh ek gandi naali ka keeda hai"
  • "Woh kutte ki maut marega "
  • "Ajji sunte ho , munna ke pitajee "
  • Rich father to son : " Ek phooti kaudi nahin doonga "
  • "Zamaane ne thokar laga-laga ke is dil ko paththar bana diya"
  • Dharmendra in many movies : " Kutte! Kamine ! ....."
  • Dharmendra : "Chun Chun ke maaroonga, ek-ek ko chun chun ke maroonga"
  • Lalita Pawar in many scenes : " Chudeil! Kide pade tere ....."
  • The favoirite emotional blackmail : "Tune yeh kiya to tu mere mara muh dekhegi "* All filmi chowkidaars : " Shhalaam Shhaab!"
  • Inspector Iftekar on a megaphone : " Apne aap ko police ke hawaale kar do. Police ne chaaron taraf sey tumhe gher liya hai. Apne hathiyaar phenk do "
  • "Bhaagne ki koshish mat karna"
  • "pulice ko tum jaise naujawaanon per naaz hai"
  • The classic : " Thairo! Yeh shaadi nahin ho sakti !"
  • The villian's sidekick : "Boss! Maal pakda gaya "
  • "Bol! Bol heere kahan chuppa rakhe hai "
  • "Ab tumhari maa hamare kabze mein hai""Agar tum paanch llaakh leker, silver beech ke puraney killey pe nahin aiye, to mai usse bum se udaa doongaa"
  • "Yeh sauda tumhe bahut mehnga padega"
  • "Jo sheeshe ke gharon mein rehte hein, woh doosron pe paththar nahin phenkte"
  • "Hum woh hein jo paththar ko kaanch se tod-liya karte hein"
  • The stereotypical announcer : "Bhaiyon aur behnon ...." "Ladies and Gentelmen ..."- Mehmood, the announcer : "Ladies and Ledas ...."
  • "Mai tumahara aihsaan zindagi bhar nahin bhoolonga"
  • "Itnay paise tum kahan sey laiye ?"
  • "Police mere peeche lagi hui hai .."
  • "Tum mere liye mar chuke ho"
  • "Ghar mein do-do jawaan betiyaan hein"
  • "Lo! - Muh meetha karo"
  • "Hato naa! Log kya kahenge"
  • "Khabardaar jo mujhe haath bhi lagayaa .."
  • "Aarre! isse to tez bukhaar hai"
  • "Aaj Pinky ka janam din hai"
  • "Gurkha, isse dhakke maarke bahar nikaal do"
  • Nirupa roy's favourite "Ek baar mujhe maa kehkar pukaro beta"
  • "... mujhe tumhaare is behte hue khoon ki kasam ...."
  • "Beti, tu to paraya dhan hai"
  • "Zabaan ko lagaam do .."
  • "Pesh hai duniya ke jaane-maane kalakaar, Miss Renu"
  • On a suhaagraat nite, wife to husband : " Doodh pee lijiya"
  • "Hume tedi anguli se ghee nikaalna aata hai"
  • "Kutte ki dum tedi-ki-tedi hi rehti hai"* "Bhabhi, tumhare haath ki chai peene ko man kar raha hai"* "Tune mere peeth pe chura bhoka hai"

SarkariNaukriBlog com बुधवार, 24 जनवरी 2007
नवजोत सिद्धू की बातें - Siddhuism

नवजोत सिद्धू की बातें - Siddhuism
Navjot singh Siddu - Famous Indian cricketer and Member of Parliament of India is now commenting on regular cricket shows on the TV. He is famous with his utterness. His quotes are now very much in news. Everybody hates it and enjoy it. श्री नवजोत सिद्धू की बातें इस समय काफी चर्चा में हैं। सिद्धू अंग्रेजी और हिन्दी दोनो भाषाओं में अपनी बातें कहते हैं। यहां पर उनकी कुछ मशहूर हिन्दी और अंग्रेजी की कहावतें प्रस्तुत हैं।
  • कौवों के चिल्लाने से ढोल नहीं फटते ।
  • That ball went so high it could have got an air hostess down with it.
  • Experience is like a comb that life gives you when you are bald
  • Statistics are like miniskirts, they reveal more than what they hide
  • The Sri Lankan score is running like an Indian taxi meter
  • चाची के मंछें होती तो उन्हें चाचा न कहते

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ट्रक ड्राइवरों के शेर और वाक्य

"आगे वाला कभी भी खड़ा हो सकता है।"

"तेरह के फूल सत्रह की माला, बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला।"

"बुरी नजर वाले तेरे बच्चे जियें, बड़े होकर तेरा खून पियें।"

"पहले जय शंकर की बोलो, फिर दरवाजा खोलो"

"हम तो दरिया हैं समंदर में जायेंगे
चमचों का क्या होगा वो कहां जायेंगे"

"मालिक तो महान है, चमचों से परेशान है"

"मालिक का पैसा, ड्राइवर का पसीना,चलती है सड़क पर, बन कर हसीना।"

"13 मेरा 7"

"अपनी सवारी जान से प्यारी"

"धीरे चलोगे तो बार बार मिलोगे
तेज चलोगे तो हरिद्वार मिलोगे"

"हंस मत पगली, प्यार हो जायेगा"

"राम युग में घी मिला, कृष्ण युग में घी
इस युग में दारु मिली, खूब दबा के पी।"

"ये नीम का पेड़, चन्दन से कम नहीं, हमारा लखनऊ लन्दन से कम नहीं"

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पुरानी दुनिया की छुक-छुक रेलगाड़ी का आनंद लीजिये

याद कीजिये बचपन के वो दिन जब रेलगाड़ी के सफर का मतलब आज की तरह तेज दौडती विद्युत या डीजल ट्रेन Steam Rail नहीं बल्कि कोयले से चलने वाली अपना ही एक आकर्षण लिये हुये छुक-छुक करती हुई एक रेलगाड़ी हुआ करती थी। आज भी सभी को वो छुक-छुक रेलगाड़ी का सफर और सफर के बीच सांसों से टकराती धीमे-धीमे जलते कोयले की महकती गंध तथा उस सबके बीच खिड़की वाली सीट पर बैठने का आनन्द याद आता है। बच्चों को तो आज भी रेलगाड़ी की आवाज छुक-छुक बतायी जाती है। तो वापस कुछ ऐसा ही अनुभव लोगों को, खासकर स्कूली बच्चों को देने के लिए उत्तर रेलवे ने सफदरजंग रेलवे स्टेशन (नई दिल्ली) से रिंग रेलवे लाइन पर शनिवार को हैरिटेज रेल शुरू किया। रेल चलाने का मुख्य उद्देश्य उत्तर रेलवे द्वारा मनाए जा रहे हैरिटेज मंथ के तहत आने वाले पीढ़ी को बीते कल की कोयले से चलने वाली छुक-छुक रेलगाड़ी के अलावा रेल से जुड़े अन्य ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराना है।

दिल्ली भ्रमण के लिए चलाई गई कोयले के इंजन से चलने वाली इस रेलगाड़ी के प्रमुख आकर्षण में से एक यह है कि यह इंजन वर्ष 1947 का बना है और वर्ष 1985 में इसे रिटायर कर दिया गया था। अब यह इंजन रेवाड़ी स्थित स्टीम इंजन शेड में ऐसे छह अन्य इंजन के साथ खड़ा होता है, जहां से इसे अधिकतर फिल्म की शूटिंग के लिए निकाला जाता है। इसके लिए फिल्मकारों से नब्बे हजार से एक लाख रुपये प्रतिदिन ली जाती है।

अंग्रेजों के कर्मचारियों के लिए बनाई गई जगह सफदरजंग रेलवे स्टेशन से इसका सफर शुरू होगा। इसके बाद यह मुसलमानों के पुराने शहर निजामुद्दीन, दिल्ली के नए विस्तार यमुनापार के इलाकों से होते हुए औरंगजेब के बेटों शाह और दारा की रियासतों शाह और दारा जिसे आज शाहदरा कहते हैं वहां जाएगी। वहां से यह असली दिल्ली कही जाने वाली पुरानी दिल्ली आएगी। उसके बाद इसका ठहराव नई दिल्ली होगा। इसके अलावा नई दिल्ली के रेलवे एक्सटेंशन के तौर पर बनाए गए तिलक ब्रिज से यह वापस सफदजंग रेलवे स्टेशन आएगी। सफदरजंग से इसका सफर शुरू होने का समय हालांकि सवा दस बजे सुबह रखा गया है लेकिन उसमें बदलाव होने पर उसकी घोषणा की जाएगी। सफर के दौरान जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, पावर हाउस आईटीओ, आनंद विहार रेलवे स्टेशन, यमुना नदी, कनाट प्लेस के इलाके भी रेलगाड़ी की खिड़की से नजर आएंगे।

तो अगर आप इन दिनों में दिल्ली या उसके आस पास हैं तो इस पुरानी दुनिया की (Old world charm) छुक-छुक रेलगाड़ी का आनंद लीजिये।

SarkariNaukriBlog com मंगलवार, 23 जनवरी 2007
सालाना 80 हजार घूस देता है हर ट्रक वाला

लीजिये भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार के ऊपर एक और मुहर लग गई। एक अध्ययन के अनुसार भारत में हर ट्रक वाला Bribe -  घूस सालाना 80 हजार रुपये की रिश्वत विभिन्न सरकारी एजेंसियों के लोगों को देता है। देश में तकरीबन 36 लाख ट्रक हैं। ऐसे में ट्रक ऑपरेटरों की करीब 22 हजार करोड़ की कमाई भ्रष्ट सरकारी अमले की भेंट चढ़ जाती है। ट्रांसपोर्ट क्षेत्र की इस बदसूरत तस्वीर को उजागर किया है ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट ने। रिपोर्ट के मुताबिक यदि इस भ्रष्टाचार पर काबू पा लिया जाए तो इससे सबसे ज्यादा फायदा उपभोक्ताओं को होगा, क्योंकि रिश्वत की यह राशि येन-केन-प्रकारेण अंतत: उन्हीं की जेब से वसूली जाती है। श्रीराम समूह की वित्तीय मदद से एमडीआरए द्वारा कराए गए अध्ययन पर आधारित रिपोर्ट को ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल की भारत शाखा के अध्यक्ष एडमिरल (सेवानिवृत्त) आरएच तहलियानी ने जारी किया। उन्होंने कहा कि एक ट्रक ऑपरेटर रोजाना 211 से 266 रुपये की घूस टोल प्लाजा, चेक-प्वाइंट्स तथा राज्यों की सीमा चौकियों पर अदा करता है। यह रिश्वत पुलिस, आरटीओ के अलावा वन विभाग, बिक्रीकर व चुंगी कर्मचारियों को दी जाती है। इसका मकसद चेकिंग से बचना होता है।

"काश भारत के लोग नैतिक रुप से श्रेष्ठ होते।"

SarkariNaukriBlog com मंगलवार, 2 जनवरी 2007
गुरूजी - एक भारतीय सर्च इंजन

गुरूजी.कॉम - जी हां यह नाम है एक सर्च इंजन (search engine) का जो कि भारतीय लोगों द्वारा भारत के लोगों के लिये बनाया गया है । सर्च इंजन बनाने वालों का दावा है कि यह सर्च इंजन भारतीय सामग्री को दुनिया तक पहुंचायेगा। गुरूजी.कॉम जीवन से जुड़ी हर चीज तक पहुंजने में मदद का एक माध्यम बनना चाहा है।
गुरूजी.कॉम भारत और भारतीय सामग्री के लिये पहला क्रॉलर (crawler) आधारित सर्च इंजन है। इसकी रचना (algorithm) इस प्रकार की गई है कि यह इंटरनेट पर भारत से संबंधित जानकारी और सामग्री को ढूंढ़ कर उसे इस प्रकार व्यवस्थित करता है कि सबसे नवीनतम सामग्री पहले प्रदर्शित होती है।
देखने वाली बात यह होगी की जब गूगल (google.com) ही सर्च इंजन का पर्यायवाची हो और हर व्यक्ति ढूंढ़ने के लिये गूगल की साईट पर जाता हो वहां यह सर्च इंजन कितना कामयाब हो पायेगा।

SarkariNaukriBlog com सोमवार, 1 जनवरी 2007