जनवरी 2007

सदाबहार हिंदी फिल्म डॉयलाग


हिंदी फिल्मों में संवाद अदायगी या डॉयलाग डिलीविरी पर काफी जोर रहा है। कई कलाकार तो अपनी संवाद डॉयलाग अदायगी के बल पर ही प्रसिद्धि पा गये। 

पुराने जमाने में हिंदी फिल्मों में कलाकार  मुख्यत: नाटकों व रंगमंच से ही आये थे, इस कारण उनकी संवाद अदायगी का तरीका थोड़ा नाटकीय था। सोहराब मोदी इस के उदाहरण हैं।

Manisha बुधवार, 24 जनवरी 2007

नवजोत सिद्धू की बातें - Siddhuism Navjot


Singh Siddu - Famous Indian cricketer and Member of Parliament of India is now commenting on regular cricket shows on the TV. He is famous for his utterness. His quotes are now very much in the news. Everybody hates it and enjoy it. 


नवजोत सिद्धू की बातें - Siddhuism


श्री नवजोत सिद्धू की बातें इस समय काफी चर्चा में हैं। सिद्धू अंग्रेजी और हिन्दी दोनो भाषाओं में अपनी बातें कहते हैं। यहां पर उनकी कुछ मशहूर हिन्दी और अंग्रेजी की कहावतें प्रस्तुत हैं।
  • कौवों के चिल्लाने से ढोल नहीं फटते ।
  • That ball went so high it could have got an air hostess down with it.
  • Experience is like a comb that life gives you when you are bald
  • Statistics are like miniskirts, they reveal more than what they hide
  • The Sri Lankan score is running like an Indian taxi meter
  • चाची के मंछें होती तो उन्हें चाचा न कहते

Manisha

ट्रक ड्राइवरों के शेर शायरी और वाक्य


भारत में आधिकांश तौर पर माल ढोने के लिये ट्रकों का इस्तेमाल होता है और इन ट्रकों को चलाने वाले अपने ट्रकों को बहुत ही प्यार से सजाते हैं। ट्रकों को चलाने वाले ड्राइवर अपने ट्रकों पर खूब अच्छी अच्छी शेरो-शायरी लिखवाते हैं। ट्रक ड्राइवरों की ये शेरो-शायरी कई बार बड़ी ही मजेदार होती है। 


ट्रकों पर की गई इस शायरी के कुछ शेर तो बहुत ही गहरी बात कह जाते हैं, वहीं कुछ शेर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं। हमने यहां पर भारतीय ट्रकों की शेरो-शायरी को संकलित करा है। उम्मीद है कि ट्रक ड्राइवरों की ये शेर शायरी आपको पसंद आयेगी -



"आगे वाला कभी भी खड़ा हो सकता है।"


"तेरह के फूल सत्रह की माला, बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला।"


"बुरी नजर वाले तेरे बच्चे जियें, बड़े होकर तेरा खून पियें।"


"बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला"


"बुरी नजर वाले नसबंदी करा ले"


"बुरी नजर वाले तू सौ साल जिये, तेरे बच्चे दारु पी पी कर मरें।"


"पहले जय शंकर की बोलो, फिर दरवाजा खोलो"


"हम तो दरिया हैं समंदर में जायेंगे, चमचों का क्या होगा वो कहां जायेंगे"


"मालिक तो महान है, चमचों से परेशान है"


"मालिक का पैसा, ड्राइवर का पसीना,चलती है सड़क पर, बन कर हसीना।"


"13 मेरा 7"


"अपनी सवारी जान से प्यारी"


ट्रक ड्राइवरों के शेर शायरी
ट्रक ड्राइवर शेर शायरी 👆


"धीरे चलोगे तो बार बार मिलोगे, तेज चलोगे तो हरिद्वार मिलोगे"


"हंस मत पगली, प्यार हो जायेगा"


"राम युग में घी मिला, कृष्ण युग में घी, इस युग में दारु मिली, खूब दबा के पी।"


"ये नीम का पेड़, चन्दन से कम नहीं, हमारा लखनऊ लन्दन से कम नहीं"


"जिन्हें जल्दी थी वो चले गये, तुझे जल्दी है तो तू भी जा"


"ग़मों से चूर हूं फिर भी नसे से दूर हूं
बच कर चलता हूं इसलिए क्योंकि
मैं भी किसी की मांग का होने वाला सिंदूर हूँ"


"मत कर मोहब्बत ड्राइवर से, उनका ठिकाना दूर होता है
वो बेवफा नहीं होते उन्हें जाना जरूरी होता है।"


"नींद चुराती है होश उड़ाती है, फलनवा की बेटी सपनवा में आती है।"


"बंगाल का रूट पसंद है, बिहार डरा देती है
भाई से प्यार होता है, भाभियां लड़ा देती हैं।"


ट्रक ड्राइवरों के शेर शायरी
ट्रक ड्राइवरों के शेर शायरी👆


"रेशमी सलवार चप्पल बाटा की, छींक मारती जाये गाड़ी टाटा की"


"वक्त से पहले नसीब से ज्यादा कभी नहीं मिलता"


"मां मेरी दुनिया तेरे  आंचल में"


"जरा कम पी मेरी रानी, बहुत मंहगा है इराक का पानी"


"Use Dipper at Night"


"भगवान बचाये तीनों से, डाक्टर पुलिस हसीनों से"


"ऐ मालिक क्यों बनाया गाड़ी बनाने वाले को, घर से बेघर कर दिया गाड़ी चलाने वाले को"


"फानूस बन कर जिसकी हिफाजत  हवा करे, वो शमा क्या बुझेगी जिसे रोशन खुदा करे"
"नीयत तेरी अच्छी है तो, किस्मत तेरी दासी है। कर्म तेरे अच्छे हैं तो घर में मथुरा काशी है।।"


"हमारी चलती है, लोगों की जलती है"


"कीचड़ में पैर रखोगी तो धोना पड़ेगा, ड्राइवर से शादी करोगी तो रोना पड़ेगा"


"अपनों से बचो गैरों से निपट लेंगे"


"क्यों मरते हो बेवफा सनम के लिये, दो गज जमीन मिलेगी दफन के लिये।
मरना है तो मरो वतन के लिये, हसीना भी दुपट्टा उतार देगी कफन के लिये।।"


"दुल्हन वही जो पिया मन भाये, पिया वही जो पी कर आये"


"मैं खूबसूरत हुं मुझे नजर न लगाना, जिन्दगी भर साथ दूंगी पीकर मत चलाना"


"गलत ओवरटेक से यमराज बहुत खुश होता है"


"जगह मिलने पर साइ़़ड दिया जायेगा"


"भूत प्रेत और मासूम बीवी मन का वहम है, ऐसा कुछ नहीं होता"


यह भी देखिये -

Manisha

पुरानी दुनिया की छुक-छुक रेलगाड़ी का आनंद


याद कीजिये बचपन के वो दिन जब रेलगाड़ी के सफर का मतलब आज की तरह तेज दौड़ती विद्युत या डीजल ट्रेन नहीं बल्कि कोयले से चलने वाली अपना ही एक आकर्षण लिये हुये छुक-छुक करती हुई एक रेलगाड़ी हुआ करती थी। आज भी सभी को वो छुक-छुक रेलगाड़ी का सफर और सफर के बीच सांसों से टकराती धीमे-धीमे जलते कोयले की महकती गंध तथा उस सबके बीच खिड़की वाली सीट पर बैठने का आनन्द याद आता है। 


Steam Rail Engine भाप वाला रेल इंजन
भाप वाला रेल इंजन



बच्चों को तो आज भी रेलगाड़ी की आवाज छुक-छुक बतायी जाती है। तो वापस कुछ ऐसा ही अनुभव लोगों को, खासकर स्कूली बच्चों को देने के लिए उत्तर रेलवे ने सफदरजंग रेलवे स्टेशन (नई दिल्ली) से रिंग रेलवे लाइन पर शनिवार को हैरिटेज रेल शुरू किया। 

रेल चलाने का मुख्य उद्देश्य उत्तर रेलवे द्वारा मनाए जा रहे हैरिटेज मंथ के तहत आने वाले पीढ़ी को बीते कल की कोयले से चलने वाली छुक-छुक रेलगाड़ी के अलावा रेल से जुड़े अन्य ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराना है।

दिल्ली भ्रमण के लिए चलाई गई कोयले के इंजन से चलने वाली इस रेलगाड़ी के प्रमुख आकर्षण में से एक यह है कि यह इंजन वर्ष 1947 का बना है और वर्ष 1985 में इसे रिटायर कर दिया गया था। अब यह इंजन रेवाड़ी स्थित स्टीम इंजन शेड में ऐसे छह अन्य इंजन के साथ खड़ा होता है, जहां से इसे अधिकतर फिल्म की शूटिंग के लिए निकाला जाता है। इसके लिए फिल्मकारों से नब्बे हजार से एक लाख रुपये प्रतिदिन ली जाती है।

अंग्रेजों के कर्मचारियों के लिए बनाई गई जगह सफदरजंग रेलवे स्टेशन से इसका सफर शुरू होगा। इसके बाद यह मुसलमानों के पुराने शहर निजामुद्दीन, दिल्ली के नए विस्तार यमुनापार के इलाकों से होते हुए औरंगजेब के बेटों शाह और दारा की रियासतों शाह और दारा जिसे आज शाहदरा कहते हैं वहां जाएगी। वहां से यह असली दिल्ली कही जाने वाली पुरानी दिल्ली आएगी। उसके बाद इसका ठहराव नई दिल्ली होगा। इसके अलावा नई दिल्ली के रेलवे एक्सटेंशन के तौर पर बनाए गए तिलक ब्रिज से यह वापस सफदजंग रेलवे स्टेशन आएगी। 

सफदरजंग से इसका सफर शुरू होने का समय हालांकि सवा दस बजे सुबह रखा गया है लेकिन उसमें बदलाव होने पर उसकी घोषणा की जाएगी। सफर के दौरान जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, पावर हाउस आईटीओ, आनंद विहार रेलवे स्टेशन, यमुना नदी, कनाट प्लेस के इलाके भी रेलगाड़ी की खिड़की से नजर आएंगे।

तो अगर आप इन दिनों में दिल्ली या उसके आस पास हैं तो इस पुरानी दुनिया की (Old world charm) छुक-छुक रेलगाड़ी का आनंद लीजिये।

Manisha मंगलवार, 23 जनवरी 2007

सालाना 80 हजार घूस देता है हर ट्रक वाला


लीजिये भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार के ऊपर एक और मुहर लग गई। एक अध्ययन के अनुसार भारत में हर ट्रक वाला सालाना 80 हजार रुपये की रिश्वत विभिन्न सरकारी एजेंसियों के लोगों को देता है। 
Bribe -  घूस

देश में तकरीबन 36 लाख ट्रक हैं। ऐसे में ट्रक ऑपरेटरों की करीब 22 हजार करोड़ की कमाई भ्रष्ट सरकारी अमले की भेंट चढ़ जाती है। 

ट्रांसपोर्ट क्षेत्र की इस बदसूरत तस्वीर को उजागर किया है ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट ने।


रिपोर्ट के मुताबिक यदि इस भ्रष्टाचार पर काबू पा लिया जाए तो इससे सबसे ज्यादा फायदा उपभोक्ताओं को होगा, क्योंकि रिश्वत की यह राशि येन-केन-प्रकारेण अंतत: उन्हीं की जेब से वसूली जाती है। 

श्रीराम समूह की वित्तीय मदद से एमडीआरए द्वारा कराए गए अध्ययन पर आधारित रिपोर्ट को ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल की भारत शाखा के अध्यक्ष एडमिरल (सेवानिवृत्त) आरएच तहलियानी ने जारी किया। 

उन्होंने कहा कि एक ट्रक ऑपरेटर रोजाना 211 से 266 रुपये की घूस टोल प्लाजा, चेक-प्वाइंट्स तथा राज्यों की सीमा चौकियों पर अदा करता है। 

यह रिश्वत पुलिस, आरटीओ के अलावा वन विभाग, बिक्रीकर व चुंगी कर्मचारियों को दी जाती है। इसका मकसद चेकिंग से बचना होता है।

"काश भारत के लोग नैतिक रुप से श्रेष्ठ होते।"

Manisha मंगलवार, 2 जनवरी 2007

गुरूजी - एक भारतीय सर्च इंजन


गुरूजी.कॉम - जी हां यह नाम है एक सर्च इंजन (search engine) का जो कि भारतीय लोगों द्वारा भारत के लोगों के लिये बनाया गया है । 

गुरूजी - एक भारतीय सर्च इंजन - Guru Ji Indian Search Engine


सर्च इंजन बनाने वालों का दावा है कि यह सर्च इंजन भारतीय सामग्री को दुनिया तक पहुंचायेगा। गुरूजी.कॉम जीवन से जुड़ी हर चीज तक पहुंजने में मदद का एक माध्यम बनना चाहा है।

गुरूजी.कॉम भारत और भारतीय सामग्री के लिये पहला क्रॉलर (crawler) आधारित सर्च इंजन है। 

इसकी रचना (algorithm) इस प्रकार की गई है कि यह इंटरनेट पर भारत से संबंधित जानकारी और सामग्री को ढूंढ़ कर उसे इस प्रकार व्यवस्थित करता है कि सबसे नवीनतम सामग्री पहले प्रदर्शित होती है।

देखने वाली बात यह होगी की जब गूगल (google.com) ही सर्च इंजन का पर्यायवाची हो और हर व्यक्ति ढूंढ़ने के लिये गूगल की साईट पर जाता हो वहां यह सर्च इंजन कितना कामयाब हो पायेगा।

Manisha सोमवार, 1 जनवरी 2007