एक सफल श्रेष्ठ लेखक कैसे बने?

एक सफल श्रेष्ठ लेखक कैसे बने?


लेखक किसी भी समाज का वह प्रतिभाशाली व्यक्ति होता है। जो अपनी लेखनी के माध्यम से अपने भावों भावनाओं को सबके सामने प्रस्तुत करता है। दूसरे शब्दों में, जिस प्रकार से कोई कलाकार मंच पर अपने पात्र को बखूबी निभाता है, ठीक उसी प्रकार से, एक लेखक भी अपनी कहानी के समस्त पात्रों का किरदार स्वयं ही निभाता है।

ऐसे में लेखक की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह जो भी लिखें, वह आधार पूर्ण हो। जिसके लिए उसे लेखन में पारंगत होने की आवश्यकता होती है।

अच्छा लेखक श्रेष्ठ वो है जिसको पाठक पढ़ना चाहें। पढ़ने के बाद उसे लोग भूल ना पायें। उसे् लोग बार बार पढ़ना चाहें। अच्छा लेखक वो होता है जिसे पढ़ने के बाद पाठकों के अंदर से आवाज आए कि वाह ! क्या लिखा है।

इसलिए आज हम आपके लिए एक अच्छा सफल श्रेष्ठ लेखक कैसे बनें? उपरोक्त विषय पर उपयोगी लेख लेकर आए हैं।

उम्मीद है कि इसे पढ़कर आप अवश्य ही अपनी लेखन क्षमता को विकसित करके एक प्रभावी लेखक बन पाएंगे। चूंकि एक ब्लॉगर भी वास्तव में एक लेखक ही होता है अतः यहां पर लिखी हुई बातें एक सफल और अच्छा ब्लॉगर बनने के लिये भी काम आ सकती हैं।




How to be Good Writer एक सफल श्रेष्ठ लेखक कैसे बने?

सर्वप्रथम एक अच्छा लेखक बनने के लिए आवश्यक है कि आप अपनी लेखन रुचि को प्रधानता दें। यानि आप क्या लिखना पसंद करते हैं? इसका ज्ञान किसी भी लेखक को भली प्रकार से होना चाहिए। इसके बाद ही उपरोक्त बिंदुओं पर विचार करके आप अपनी लेखन शैली को निखार सकते हैं।

लिखने की कला बेहतरीन कलाओं में से एक है। जिस व्यक्ति के अंदर यह कला होती है, वह व्यक्ति अपने जीवन में किसी भी तरह के विचारों को कलमबद्ध कर सकता है। अपनी बातों को अपने लेखन के माध्यम से समाज को जागरुक करना, समाज को संदेश देना एक बहुत ही योग्यता भरा काम है

तो आइये देखते हैं कि अच्छे सफल लेखक बनने के लिये क्या क्या खूबियां और लेखन की गुणवत्ता होनी चाहिये। -

1. भाषा का शुद्ध होना


लेखक बनने के लिए आपको अपनी मात्रभाषा चाहे वो कोई सी भी हो, हिंदी या फिर कोई भी क्षेत्रीय भाषा, का ज्ञान अवश्य होना चाहिए। या उस भाषा में पारंगत होना चाहिए जिसमें आप अपने लेखन को सुचारू करना चाहते हैं।

ऐसे में यदि आप हिंदी भाषा का ज्ञान रखते हैं तो आपको हिंदी व्याकरण संबंधी नियमों और शर्तों के बारे में सही जानकारी होनी चाहिए। यही अन्य भाषाओं के साथ भी लागू होता है।

इस प्रकार एक अच्छा लेखक बनने के लिए भाषा पर पकड़ होना जरूरी है। क्यूंकि यदि हमारे लेखन में भाषा और व्याकरण संबंधी अशुद्धियां विद्यमान होती है। तो हमारा लेख किसी भी दृष्टि से उचित और प्रभावी नहीं कहलाएगा।

इसलिए हमें लेखन के दौरान अपनी भाषा को रोचक और प्रवाहपूर्ण बनाने की आवश्यकता होती है। जिसके आधार पर ही हम एक श्रेष्ठ लेखक बन सकते हैं।

2. पढ़ने की आदत डालना


जिस प्रकार से एक अच्छा वक्ता बनने के लिए अच्छा श्रोता बनना पड़ता है। ठीक उसी प्रकार से, एक अच्छा लेखक बनने के लिए पाठक बनना पड़ता है। यानि किताबों और पत्रिकाओं को पढ़ने की आदत डालनी होती है।

पढ़ने से आप अपनी लेखन शैली को शुद्ध कर सकते हैं, क्योंकि जब हम कुछ पढ़ते है। तो उससे कहीं ना कहीं हमारी जानकारी बढ़ती है। साथ ही हमारे पास लेखन के दौरान शब्दावली का अभाव नहीं होता है। इसके लिए आवश्यक है कि आप उन किताबों को पढ़ने की कोशिश करें। जिनमें आपकी रुचि हो।

आप जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही ज्यादा आपकी विषय-वस्तु की जानकारी, भाषा पर पकड़, लेखक द्वारा अपनी बात कहने का अंदाज की जानकारी और आपके ज्ञान में वृध्दि होती जाता है।

उदाहरण के लिए, यदि आप आत्मकथा लिखना चाहते हैं तो आपको किसी की आत्मकथा पढ़नी चाहिए। जिससे आपको आत्मकथा लिखते समय लिखने के तरीके का ज्ञान हो जाएगा।

वर्तमान युग डिजिटल युग है। जहां आप कभी और कहीं भी बैठकर पठन पाठन का कार्य कर सकते हैं। आजकल ई-बुक चलन (ट्रेंडिंग) में है। जिसके कारण आप अपने मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट इत्यादि में अनेकों प्रकार की बहुत सारी किताबें बिना साथ ले जाए पढ़ सकते हैं।

आप चाहे तो पढ़ने की रुचि अखबार या पत्रिका के माध्यम से भी विकसित कर सकते हैं। अधिकांश समाचार पत्रों में रोजाना ही संपादकीय के साथ साथ की लेख प्रकाशित होते हैं। इसके अलावा इनमें सप्ताह में कम से कम एक बार साहित्यिक सामग्री जैसे कि लेख, कहानी कविता इच्यादि भी प्रकाशित होते हैं, उन सब को भी पढ़ना चाहिये जिससे आपकी भाषा और लेखन शैली का विकास होगा।

इसके साथ ही साथ आप अपनी पसंद की किताब (इतिहास, मनोविज्ञान, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान) आदि का चयन करके उसे पढ़ सकते है। जिससेे आपके मस्तिष्क में नवीन विचारों और सोच का विकास होता है। जो कि एक प्रभावी लेखन की शुरुआत करने के लिए आवश्यक है।


3. विषय का चयन करना


एक लेखन तभी सार्थक प्रतीत होता है। जब लेखक को उसका उद्देश्य और विधेय स्पष्ट हो। यानि लेखक को यह ज्ञात हो कि उसे किस विषय पर लिखना है या लिखना पसंद है।

लेखन के अपने कई भाग होते हैं, जैसे कविता, निबंध, आत्मकथा, उपन्यास, लेख, कहानी आदि। उपरोक्त सभी विधाओं को लिखने का अपना तरीका और अपनी विशेषता होती है।

जहां कविता लिखते समय शब्दों की लय का ध्यान रखा जाता है। तो वहीं कहानी लिखते समय हर एक पात्र पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

ऐसे में यदि किसी लेखक को लेखन का विषय ज्ञात है। तो वह अवश्य ही प्रभावी लेखन में सक्षम होगा।

4. भावों को स्पष्टता से प्रकट करना


इसके साथ ही लेखन में भावों को अधिक प्रधानता दी जाती है। क्योंकि भावों के अभाव में किसी भी लेख की प्रासंगिकता नहीं रह जाती है। ऐसे में लेखक को लिखते समय भावों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

आपके द्वारा लिखी गई रचना में दुख सुख, आश्चर्य, प्रेम, हास्य आदि भावों की उपस्थिति अनिवार्य है।

जो भी अपने लेखन में पन्नो पर शब्द नहीं भावनायें उतारता हो हर वो व्यक्ति लेखक कहलाया जाता है। मनोविज्ञान की परतों से कुछ भी निकाल के वाकया बना देने वाला ही लेखक होता है। लेखक अपनी रचना को प्रतुत करे सुनने वाले की ऑंखें ख़ुशी से चमका दे, जब विरह की बात करे तो दिल भर आये, जब वीर रस की बात करे तो कुछ कर गुजरने का जूनून सवार हो जाये।

लेखक को अपनी बात भावना प्रदान तरीके से कहने का तरीका पता होना चाहिए| अपने लेखन में भावनाओं का ज्वार लाकर आप पाठकों को साथ गहरा जुड़ाव कर सकते हैं। भावों को प्रकट करने के आधार पर ही आप एक सर्वोत्तम लेखक बन सकते हैं।

5. आम पाठक के साथ जुड़ा होना


यदि लेखक अपनी भावनाओं को अपने लेखन के माध्यम से अपने पाठकों से गहरा जुड़ाव कर पाता है तो फिर उसक लेखन सफल हो जाता है और बतौर लेखक अपनी प्रसिद्धि की बुलंदी पर पहुंच जाता है।

अच्छे लेखक वही है जो दूसरे की भावनाओं को या फिर अपनी भावनाओं को पेश करते हुए इस तरीके से लिखते हैं जब कोई दूसरा इंसान से पढ़ता है तो लगता है यह मेरी कहानी है और बस यहीं पर बात बन जाती है और वह लेखक पाठक से जुड़ जाता है ।

साधारण भाषा में जनता की बोलचाल एवं रहन सहन को अपने लेखन से दर्शाना हमेशा ही आम पाठक को प्रभावित करता है। अच्छा लेखक वो है जो सरल सहज ढंग से अपने विचारों की अभिव्यक्ति कर सके,कम शब्दों में ज्यादा बातें कह सके जिसकी भाषा शैली आसान और रुचिपूर्ण हो जिस से आम जन को समझ आ सके। इसी को लेकर आम जन लेखक के प्रति झुकाव महसूस करते हैं और लेखक और पाठक में दिल से जुड़ाव हो जाता है।

6. लिखने का अभ्यास करना


हिंदी की एक प्रसिद्ध कहावत है कि "करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान रसरी आवत जात ते"।। अर्थात् किसी कार्य का निरंतर अभ्यास करने से मूर्ख व्यक्ति भी उस कार्य में पारंगत हो जाता है। ठीक उसी प्रकार से, यदि आप यह दृढ़ निश्चय कर लें कि आपको प्रतिदिन लिखने का अभ्यास करना है। तो आप आगे चलकर अवश्य ही एक अच्छे लेखक कहलाएंगे।

हालांकि इसके लिए आपको प्रतिदिन अपनी रुचि के आधार पर लिखने की आदत डालनी होगी। प्रतिदिन लिखते समय आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि आप जितना अधिक से अधिक लिखने का प्रयास करेंगे। आप लेखन के क्षेत्र में उतनी ही जल्दी निपुण हो जाएंगे।

लेखन अभ्यास के साथ साथ यदि आप निरंतर सीखने की प्रक्रिया को चालू रखते हैं। तब हीआप एक श्रेष्ठ लेखक बन सकते हैं।

7. निरंतर सीखने वाला बनना


लेखक को लेखन के अलावा भी बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता होती है। जकल बहुत से लेखक अपनी कृतियों का स्वयं प्रकाशन करते हैं। परंपरागत रूप से प्रकाशित होने वाले भी अपने प्रकाशकों के द्वारा किए जाने के बाद भी, अतिरिक्त विक्रय तथा विपणन का उतत्तरदायित्व स्वयं लेते हैं। इसलिए सीखने में सक्षम होना और इससे भी महत्वपूर्ण — सीखने के प्रति अपना दिमाग खुला रखना अत्यंत आवश्यक है।!!

सफल लेखक बनने की ओर आपकी यात्रा में, नई कुशलताएँ सीखने में एक शिशु की मानसिकता अपनाइए जो बेहतर लिखने में, संवर्धित रूप से अपने पाठकों से जुड़ने में आपकी सहायता करेंगे, और उत्पादकता के साथ पुस्तक व्यापार चलाने के लिए आवश्यक, आपको अधिक से अधिक चीजें सिखाएँगे


अच्छा लेखक बनने के लिये क्या करें


  • महान अच्छे लेखकों को पढ़ें। जितना पढेंगे उतना ही सीखेंगे
  • यदि आपके पास एक अच्छा विचार है, तो इसे मुफ्त में उपलब्ध कराएं। यह वही है जो महान लेखकों ने हमेशा किया है।
  • हमेशा अपने पास एक नोटबुक रखें ताकि दिमाग में आये किसी भी विचारों को Note कर सकें
  • लेखन में आने वाली रुकावटों (Distractions) को दूर करें। ब्लॉगिंग/लेखन में छोटी छोटी बहुत सी रूकावटें होती हैं
  • अपने विचारों को दिमाग में उथल पुथल मचाने दें
  • अपने लेखन की अपनी शैली और अंदाज बनायें। अपनी मौलिकता के लिए किसी शैली का अनुसरण ना करें
  • लेखन की शुरुआत को अंजाम तक पहुंचायें
  • अपना लेखन कभी अधुरा ना छोड़ें, चाहे कितना भी समय लगे, पूरा करने की कोशिश करें
  • अपना सोच को सकारात्मक (Positive) रखिये। यह सोचकर लिखें कि आप बेहतर लिखेंगे
  • जितना हो सके अच्छे लोगों के बीच बैठे उनकी बातें सुने | खास कर साहित्यिक समुदाय में उठें बैठें
  • हर दिन कुछ ना कुछ लिखने का प्रयत्न करें, शुरुआत में आपको अपनी लिखावट बचकानी लग सकती है। परंतु, इससे हताश न हो ।
  • लेखन का कार्य जारी रखे। आप एक दिन जरूर सफल होंगे। खुद पर विश्वास करें और निरंतर अभ्यास करें
  • किसी विश्वासपात्र व्यक्ति या पहले से लेखन में स्थापित लोकप्रिय लोगों से अपने लेखन की समीक्षा भी अच्छे लेखन के लिए मददगार होती है।
  • व्याकरण की गलतियों को सुधारने का पूरा प्रयास करें
  • कोशिश करें कि आजकल के समय के अनुरूप अपनी ऑनलाइन प्रेजेंस बनाएं
  • पाठकों की रूचि को समझने का प्रयास करें। जो अच्छा लेखक होता है वह अपने पाठकों की रुचि को समझता है
  • प्रकाशकों द्वारा अस्वीकार किए जाने के लिये तैयार रहें। रचना अस्वीकार होने पर प्रतिक्रिया स्वयं के साथ कठोर न होकर, स्वयं को सुधारने के लिए रचनात्मक आलोचना का उपयोग करें

    Better Writing श्रेष्ठ लेखन

    लेखन में क्या न करें


    • ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कभी न करें जिनके अर्थ के बारे में आप को पक्का नहीं पता
    • गाली गलौज या अश्लील शब्दों का अपने लेखन में प्रयोग न करें
    • लिखना मुश्किल और चुनौती भरा काम है, लेकिन अगर आप इसे खराब तरीके से कर रहे हैं तो फिर इसमें कोई चुनौती नहीं है
    • अपने दिमाग में आने वाले विचार प्रवाह को रोकें नहीं
    • अपने लेखन को पाठकों द्वारा अनुमानित होने से बचायें
    • अपने लेखन के पात्रों को को सामान्य इंसान ही बनाये रखें, इन पात्रों को अत्यधिक आदर्श वादी न बनायें
    • लेख आपका अपना होना चाहिए किसी और का लेख चुराकर अपना न कहें
    • आपका लेख किसी भी प्रकार का तनाव न पैदा करे। समुदायों को, जातियता को, क्षेत्रीयता को व राष्ट्रीयता को भड़काने वाला लेखन न करें
    • ऐसे शब्द या वाक्यों के प्रयोग से बचना चाहिये जिनका एक से ज्यादा अर्थ निकलता हो क्योंकि इससे पाठक भ्रमित (कन्फ्यूज़) हो जाते हैं
    • अपने लेखन में अपनी बात अति संक्षिप्त रूप में या संक्षेप में भी न कहें
    • ऐसी भाषा का प्रयोग करें जो विश्वास योग्य हो। अविश्वसनीय और अतिशयोक्ति वाक्यों से बचें।
    • अपने लेखन में दोहराव से बचना चाहिए


    लिखा हुआ कहां प्रकाशित करें?


    प्रत्येक लेखक के मन में यह सवाल अवश्य आता होगा। कि उसने जिस लेख को लिखने में इतनी मेहनत की है। उसे वह कहां प्रकाशित (पब्लिश) करें? क्योंकि यदि आपका लिखा हुआ लेख आपके अलावा किसी दूसरे व्यक्ति के पास नहीं पहुंचा। तो वह कहीं ना कहीं महत्वहीन हो जाएगा।

    क्योंकि आपकी नवीन रचना सदैव ही किसी नवीन जानकारी या आविष्कार की ओर इंगित करती है। ऐसे में यदि वह महत्वपूर्ण जानकारी दूसरों तक नहीं पहुंचती है। तो कहीं ना कहीं इस वजह से लिखने वाले के मन में भी निराशा उत्पन्न होने लगती है।

    इसलिए आवश्यक है कि आपने जो लिखा है उसे मीडिया के माध्यम से दूसरों तक पहुंचाया जा सके। साथ ही उसपर अन्य लोगों की प्रतिक्रिया भी आपको प्राप्त हो सके। जिससे आप आगे लिखने के लिए प्रेरित हो सकेंगे।

    मीडिया के तौर पर वर्तमान समय में आपके समक्ष अखबार, पत्र पत्रिकाएं, वेबसाइट्स, सोशल मीडिया आदि अनेकों माध्यम मौजूद है। जहां उचित प्रक्रिया के पश्चात् आप अपने लेख को पब्लिश करवा सकते हैं। जिसके बाद आपके लेख की प्रसिद्धि आपको एक श्रेष्ठ लेखक बनाने के लिए प्रेरित करती है।

    अंतिम बात (निष्कर्ष)


    इसके अतिरिक्त, एक श्रेष्ठ लेखक बनने के लिए आपको अपनी लेखन शैली में स्पष्टता, नवीन विचारों की अधिकता, तथ्यों की जानकारी, उपयोगी शब्दावली, संक्षिप्तता और उचित शब्दों का चयन आदि पर विशेष ध्यान देना होता है। तभी आप एक प्रभावी लेख लिखने में सफल हो सकेंगे।

    जिस प्रकार से, एक डॉक्टर मरीज के रोग को जानकर उसे अपनी औषधि देकर ठीक करता है। ठीक उसी प्रकार से, एक लेखक को भी लिखते समय लेखन संबंधी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ताकि पाठकों के लिए उसके लेख की उपयोगिता बनी रहे।

    ऐसे में हम कह सकते हैं कि पाठकों की निश्चिंतता ही किसी व्यक्ति को एक श्रेष्ठ लेखक बनाती है। साथ ही वर्तमान समय में कई सारे महाविद्यालय लेखन संबंधी कोर्स संचालित करते हैं। जिसे करके आप एक Professional Writer बन सकते है।

    साथ ही जिन संस्थानों और क्षेत्रों में अच्छा लिखने वालों की आवश्यकता होती है। उनके लिए बतौर लेखक आप लेखन कार्य कर सकते है। जिसके लिए आपको भुगतान भी किया जाता है।

    वर्तमान समय में, लेखन का कार्य किसी भी लेखक के लिए आमदनी का अच्छा जरिया हो सकता है। जिसके लिए आपको अपनी लेखन क्षमता को विकसित करने की जरूरत है। तभी आप एक अच्छे लेखक के रूप में सफल हो सकते हैं।

    उम्मीद है हमारे इस लेख के माध्यम से आपको एक श्रेष्ठ लेखक बनने के लिए आवश्यक कारकों की जानकारी निश्चित रूप से हो गई होगी।

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