इन सेवाओं के प्रयोक्ताओं के नाम कब जाहिर होंगे?

हाल ही में दिल्ली में एक एक और कालगर्ल गैकेट का पर्दाफाश हुआ है जिसे एक बाबा शिवेन्द्र उर्फ राजीव रंजन द्विवेदी उर्फ इच्छाधारी बाबा चला रहा था। इसके गिरोह में तमाम अच्छे घरों की लड़कियां शामिल थीं। जैसे ही बाबा के पकड़े जाने की खबर आई वैसे ही मीडिया ने चटखारे लेकर खबर को दिखाना शुरु कर दिया। बताया जाने लगा कि बाबा का कारोबार पूरे भारत में फैला था, कि कालगर्ल के इस धंधें में कई पढ़ी-लिखी लड़कियां और महिलायें शामिल था, कि कैसे बाबा ने अपने आश्रम में व्यवस्थायें कर रखीं थीं, कि बाबा का कारोबार 2000 करोड़ रुपयो का है, इत्यादि इत्यादि। कुछ टीवी चैनलों ने बाबा की कोई डायरी भी दिखा दी जिसमें लेनदेन और सेवा लेने वालों के नाम लिखे थे। अपराधियों के नाम सार्वजनिक किये जाने चाहिये लेकिन इन नामो को कभी नहीं बताया जाता है। मीडिया भी इन नामों को छुपा जाता है। पुलिस जब भी किसी इस तरह के रैकेट को पकड़ती है तो उसके सरगना और पकड़े जाने वाली लड़कियों और औरतों के नाम तो बता दिये जाते हैं लेकिन कभी भी उनका नाम सामने नहीं आता जिन्होंने कॉलगर्लों की सेवायें ली थीं। बाबा का 2000 करोड़ का कारोबार बताया जा रहा है, जाहिर सी बात ये सब पैसा काला धान है जिसे कमाने वालों ने ही बाबा को दिया है उनकी सेवा के बदले में। यदि उन लोगों के नाम भी सार्वजनिक कर दिये  जायें जिन्होंने बाबा या अन्य किसी के द्वारा सेक्स के लिये लड़कियां मंगायी थी तो सब को पता चलेगा और सार्वजनिक बदनामी के डर से इस तरह के धंधे कुछ कमा भी होंगे और सरकार को बता चलेगा कि कौन लोग अपना काला धन कहां प्रयोग कर रहे हैं। दर्असल कालगर्ल संस्कृति के प्रयोक्ता अधिकांश बड़े सरकारी अधिकारी, नेता व समाज के बड़े-बड़े लोग है और इसीलिये हमेशा लड़कियों के नाम ही बाहर आते है लेकिन कभी उन पुरुषों के नाम बाहर नहीं आ पाते जो लोग ऐसे काम को प्रयोग कर उसे बढ़ावा दे रहे हैं। मेरे विचार में देश में जगह जगह पकड़ जा रहै सेक्स रैकेटों को चलाने वालों के अलावा उनके ग्राहकों को भी पकड़ कर उनके नाम सार्वजनिक किये जाने चाहिये।

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7 टिप्‍पणियां

  1. government KO call girl KO license Dena chahiye
    it is the most ancient trade in history .
    fir sub kush.

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  2. किसी समय पत्रकारिता आदर्शवाद पर आधारित थी l पत्रकारिता से सम्बंधित लोग भारत के लिए और भारत की आम जनता के लिए लिखते थे - काम करते थे l अब समय बदल गया है - अधिकतर मिडिया येन केन प्रकारेण पैसा कमाने का धंधा बन गया है - जो २-४ अच्छे लोग हैं वो भी "If you can't fight them - join them. This is the safest and wise strategy for survival" के सिद्धांत पर काम करने लग गए हैं l भ्रष्टाचार करने वालों के नाम ये मिडिया वाले कभी भी सामने नहीं लायेंगे - क्योंकि सामने लायेंगे तो पैसा कैसे मिलेगा ???

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  3. media kaunsa doodh ka dhula hai. sab moh maya ke chakkar me hai..
    Sarkar ke karinde isme samil hai isliye naam jahir nahi ho sakte..

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  4. manishaji..aap thik kahti hai!!Now it is high time to think about the media and about vested intrests of the Media. Accounabilty among the electronic media personnel is the need of the hour.Media is a reflection of the society..but the things media is reflecting to the society is a matter of great concern.infact when this govt.try to put some control over media and to putforth the media accountability bill all the patrakar mahoday unamousaly and collectively(although they fight for TRP and SABSE PAHLE,SABSE TEZ,APKO RAKHE AAGE issues every day)meet with manmohan sing and created a pressure group as if government is controlling over their fundamental right to express.It is very true that media in a democratic country should be vibrant and critical but at the same time it is also true that media criticism and praisism both are controlled by industry and industialist.It is the right time to make control over media.Why dont they show good work done by good people by social worker and good social leaders who changed the life of many people..the social causes,development issues,rural enterprenurship but I feel very sorry when in the prime time News ,News related to mika,malika and monika are shown as if they are the martial of the modern and developed India.Why issues related to nation development are ignored by them I think it is not of their intrest...they should rethink about their professional values,ethics,priciples as they are in the noble work !!please manishaji do something for such group.

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  5. RAM JEE BAJITPUR DARBHANGA:--- SARKAR AAP HI IS SAWAL KA JABAB DE DIJIYE KYA MAINE KUCH GALAT KAHA HOO.........

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  6. jismfaroshi ko valid kar dena chahiye taki achche ghar ki ladkiya kam pipasu manchalo ki chedchad ki sikar na ho. aise log sidhe red light area ja kar apni pyas bujha sake. aur kisi policee ka dar na ho .samaj me aise tabke ko sahar se bahar sthapit karna chahiye.

    gshah

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  7. Police Walo ki Gundagardi

    Police Dept. ko santi, suraksha etc. ke liye Establish kiya Gaya h par Aaj ke Police wale he Gunda gardi karte h gundo se jada to ajkal policewalo ne aatank failake rakha h. aj har aadmi police walo ke paas jane se darta h uska karan ye h ki wo kab kis case me kisko bewajah apni jeb bharne ke liye fasa de kuch kaha nahi ja sakta. kai jagah police wale range haath reswat lete pakde gai sikayat hui result kya nikalta h ki unka transfer kahi or kar diya jata h or wo jaha jate h firse wahi karte h. Aare enko to aisi saja deni chahiye ki usko dekh kar dusre police walo ko seekh mile. Aj hara prasasan he kamzor h.

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