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ट्रैवलिंग यात्रा सफर पर्यटन सफर शेर-शायरी मुहावरे गाने और वाक्य



ट्रैवलिंग यात्रा सफर सैर शेर-शायरी मुहावरे वाक्य



यूं आजकल पर्यटन ट्रैवलिंग का शौक काफी बढ़ गया है। हर किसी को दुनिया घूमने का शौक़ नहीं होता, पर जिन्हें होता है वो ही जानते हैं कि जगह जगह घूमना क्या होता है। घमुक्कड़ ही पर्यटन के लिये यात्रा की असली क़ीमत समझते हैं।  घूमने-फिरने से हमें जो भी मिलता है वो पढ़ने लिखने या फिर क़िताबें पढ़ कर नहीं पा सकते। 

चाहे धार्मिक कारण हो, चाहे ज्ञान की उत्कंठा हो, व्यापार के लिये हो या फिर पर्यटन के लिये ही यात्रा हो, अनंत काल से मनुष्य यात्रा कर ही रहा है। अलग अलग भाषाओं में पर्यटन के कारण जन मानस में कुछ बाते, वाक्य, मुहावरे, कवितायें, गाने, शेर-शायरी लोगों के दिलो दिमाग में बैठ गई हैं।  

इसी घुमक्कड़ी, पर्यटन, ट्रैवलिंग और सफर पर आधारित कुछ बातें, वाक्य, शेर-ओ-शायरी, फिल्म गाने और संवाद इत्यादि का हिंदी भाषा में संकलन हम यहां आपके लिए लेकर आएं है जो आपको काफी पसंद आएगा, ऐसी उम्मीद है। Travelling Tourism Sher Shayari Status Quotes Songs in Hindi. आप अपनी टिप्पणी के माध्यम से पर्यटन के अपने पसंद की ऐसी ही लाइनें, गाने वगैरह साझा कर सकते हैं।


 ट्रैवलिंग और टूरिज्म से संबंधित  शेर-शायरी, मुहावरे, कहावतें, गाने, वाक्य, Status and Quotes का ये संकलन अपने आप में पूर्ण संकलन नहीं है। जैसे जैसे नई बाते पता लगती जायेंगी यहां पर समय समय पर अद्यतन (Update) किया जाता रहेगा। 




पर्यटन से संबंधित शब्द/Words

  • यात्रा (Yatra) – To Travel
  • यात्री (Yatri) – Traveller
  • पर्यटक (ParyaTaka) – Tourist
  • पर्यटन ( ParyaTan) – Tourism
  • पथिक (Pathik) – That on the road
  • प्रवासी (Pravasi) – Living in another country
  • सफर (Safar) - यात्रा To Travel
  • मुसाफिर (MusaFir) - यात्री Traveller
  • घूमना (GhumNa) – यात्रा To Travel
  • फिरना (FirNa) – To Travel
  • घुमक्कड़ (Ghumakkar) - मुसाफिर/यात्री Traveller
  • घुमक्कड़ी (Ghumakkari) - यात्रा To Travel
  • भ्रमण (Bhramarh) - यात्रा To Travel 

 

Travelling and Tourism Status in Hindi

पर्यटन/यात्रा/सफर की हिंदी कहावतें/वाक्य/विचार


  • किसी जगह के बारे में ज़िन्दगी भर सुनने से अच्छा है कि एक बार उसे जाकर खुद देख लो।
  • बहुत हो गया काम काज, चल यार कहीं घूम के आते हैं।
  • दुनिया एक किताब है, और जो यात्रा नही करते है वे केवल एक पन्ना पढ़ते है।  
  • जिन्दगी जीने का असली मजा यात्रा में ही हैं।  
  • हजारों मील की यात्रा भी एक कदम से शुरू होती है।
  • सत्य से पराजित होने के पूर्व झूठ आधी दुनिया की यात्रा कर लेता है।  
  • आपकी यात्रा सफल और सुखद हो।
  • वही सबसे तेज चलता है, जो अकेला चलता है। 
  • समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता।
  • जिंदगी, जिंदादिली का नाम है, मुर्दादिल क्या ख़ाक जिया करते हैं।
  • धीरे चलोगे तो बार बार मिलेंगे, नहीं तो हरिद्वार में मिलेंगे।
  • कोस कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी।
  • मियाँ की दौड़ मस्जिद तक।
  • सफलता एक निरंतर यात्रा है न की एक मंजिल।
  • ख़ुशी एक सफर है, ना कि मंजिल।
  • हजार मील का सफर भी एक कदम से ही आरंभ होता है।
  • यात्रा के अंत तक पहुंचना अच्छा है, लेकिन अंत में वो यात्रा ही है जो मायने रखती है।
  • आओ संग में एक कहानी बनाते हैं, चलो कहीं घूम के आते हैं।
  • एक किताब पढ़ने से जितना सीखते हैं, उससे हजार गुना यात्रा करने से सीखते हैं।
  • इंसान के यात्रा करने के जुनून ने ही उसे चांद तक पहुंचा दिया।
  • आप खुशी को नहीं खरीद सकते हैं, लेकिन यात्रा के लिये हवाई जहाज का टिकट खरीद सकते हैं, ये खुशी खरीदने के बराबर है।
  • सबसे अच्छी यात्रायें सबसे अच्छे प्यार की तरह होती हैं, जिसका वास्तव में अंत नहीं है।
  • सही मार्ग पर चलना यात्रा है और बिना लक्ष्य के गलत राह पर चलना भटकना है।
  • यात्रा हर कोई करता है पर कुछ लोग पूरी दुनिया की यात्रा करते हैं और कुछ लोग सिर्फ घर से ऑफिस तक ही यात्रा करते हैं।
  • हर किसी को दुनिया घूमने का शौक़ नहीं होता, पर जिन्हें होता है वो इसकी असली क़ीमत समझते हैं।
  • यात्रा करने पर हम सबसे ज्यादा सीखते हैं।
  • सफ़र सिर्फ मंजिलों तक पहुंचने के लिए नहीं होते बल्कि उन तमाम जगहों से गुजरने के लिए भी होते हैं जो मंजिल के रास्ते में पड़ती हैं..! - ममता शर्मा
  • चरैवेति चरैवेति॥ (चलते रहो, चलते रहो) - एक संस्कृत वाक्य/विचार


पर्यटन पर हिंदी मुहावरे


  1.  नौ सौ चूहे खाके बिल्ली हज को चली
  2. जैसा देश वैसा भेष
  3. अधर में लटकना या झूलना
  4. गधे के सिर से सींग की तरह गायब होना
  5. छूमंतर होना।
  6. उड़न छू होना
  7. कभी नाव गाडी पर, कभी गाडी नाव पर
  8. परमश्वर की माया, कहीं धूप, कहीं छाया
  9. बहती गंगा में हाथ धोना
  10. रफ़ू-चक्कर होना
  11. नौ दो ग्यारह हो जाना
  12. चम्पत होना
  13. ठहर-ठहर के चलिए, जब हो दूर पडाव
  14. देर आयद ,दुरुस्त आयद
  15. हरी झंडी दिखाना
  16. दूर के ढोल सुहावने (होते/लगते हैं)
  17. हवा से बातें करना
  18. आसमान पर चड़ना
  19. गंगा नहाना
  20. घाट घाट का पानी पीना
  21. लौट के बुद्धू घर को आये

बोलचाल के पर्यटन यात्रा शब्द


भारत के जनमानस में कुछ शब्द और बोल यात्रा से संबंधित इस तरह के बन गये हैं कि वो रोजाना की बोलचाल में बहुत ही ज्यादा प्रयोग होते हैं। इन सब बोल शब्दों को वाक्यों मे प्रयोग करके बोला जाता है और इन सबके मतलब को सब समझते है। जब आप यात्रा करते हुये भारत की जनता से घुले मिलेंगे तो आप को ये सब सुनाई देंगे। आइये देखें ऐसे ही 10 बोल - 
  1.  मछली बाजार - सब अस्त व्यस्त होना (Unorganized)
  2. भेड़ चाल - बिना सोचे किसी की बात के मानना (Herd Mentality)
  3. कछुआ चाल - बहुत ही धीरे धीरे काम करना (Slow Motion)
  4. घोड़े की तरह भागना - बहुत तेज दौड़ना (Walk like a Horse)
  5. चंपत होना - भाग जाना या गायब हो जाना (To hide)
  6. पतली गली से निकल - चुपचाप निकल जाना (Exit Silently)

Travelling Yatra Tourism Status Quotes in Hindi

पर्यटन पर संस्कृत विचार/वाक्य


  • चरैवेति चरैवेति॥  - चलते रहो, चलते रहो
  • पर्यटन् पृथिवीं सर्वां, गुणान्वेषणतत्परः। - जो गुणों की खोज में तत्पर है,वे लोग सारी पृथिवी घुमते है।
  • हदये सुखसम्पत्तिः पदे पर्यटनं फलम्। - उनके मन में सुख, संपत्ती और पैरों में पर्यटन होता है।
  • यस्मिन्प्रचीर्णे च पुनश्चरन्ति; स वै श्रेष्ठो गच्छत यत्र कामः। - जो लोग सामनेआए हुए (मार्ग) पर चलते है, वह श्रेष्ठ होते है और उनको अभीष्ट प्राप्त होता है।
  • चरन्ति वसुधां कृत्स्नां वावदूका बहुश्रुताः। - बुद्धीमान् और वाक्-कुशल लोग, सारी पृथ्वी घुमते है।
  • चरन्मार्गान्विजानाति  - पथिक व्यक्ति को मार्ग पता चलता है।
  • आस्ते भग आसीनस्य, ऊध्वर्स्तिष्ठति तिष्ठतः। शेते निपद्यमानस्य, चराति चरतो भगः। - बैठे हुए मनुष्य का सौभाग्य बैठा रहता है, उठ कर खडे होने वाले व्यक्ति का सौभाग्य भी उठ कर खड़ा हो जाता है,लेटे हुए मनुष्य का सौभाग्य सोया रहता है, और चलने वाले व्यक्ति का सौभाग्य उसके साथ- साथ चल पड़ता है।
  • चरन् वै मधु विन्दति, चरन् स्वादुमुदुम्बरम्। सूयर्स्य पश्य श्रेमाणं, यो न तन्द्रयते चरन्। - जो सदा श्रमशील, गतिशील हैं, वो सदा मधुपान (शहद/ अमृत / परिश्रम का सुफल) करते हैं, कर्मयोगी को सदा श्रेष्ठ कर्म का श्रेष्ठ परिणाम मिलता है। देखो, सूर्य कितना, कर्मशील और सृजन शील है, पल भर भी जो दूसरों के कल्याण के लिये अपने श्रम से कभी विमुख नही हैं ।
  • अन्योन्यवीर्यनिकषाः पुरुषा भ्रमन्ति। - एक दुसरे की पहचान जो वीरता से करते है, वे लोग घुमते है।
  • दुःखं हन्तुं सुखं प्राप्तुं ते भ्रमन्ति मुधाम्बरे। - वे आकाश में मुग्ध रूप से, दुःख भुलने के लिये और सुख के प्राप्ति के लिये घूमते (उडते) है (हमारी तरह)।
  • हृदि श्रीर्मस्तके राज्य पादे पर्यटनं फलम्। - उनके मन में संपत्ति, सिर के उपर राज्य (का दायित्व) और पैरों में पर्यटन होता है।
  • योजनानां सहस्त्रं तु शनैर्गच्छेत् पिपीलिका।  - शनैः शनैः ही सही, सतत चलते रहने पर, चींटी जैसी छोटी सी जीव भी सहस्रों योजन की यात्रा पूरी कर लेती है।
  • यस्तु संचरते देशान् यस्तु सेवेत पण्डितान् ।
  • तस्य विस्तारिता बुद्धिस्तैलबिन्दुरिवाम्भसि ॥ - भिन्न देशों में यात्रा करने वाले और विद्वानों के साथ संबंध रखने वाले व्यक्ति की बुद्धि उसी तरह बढ़ती है, जैसे तेल की एक बूंद पानी में फैलती है।


ट्रैवलिंग पर बॉलीवुड हिंदी फिल्म गाने

     

  1. ज़िन्दगी एक सफ़र है सुहाना यहाँ कल क्या हो किसने जाना (फिल्म अंदाज - सुने/देखें)
  2. जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर कोई समझा नही कोई जाना नही (फिल्म सफर - सुने/देखें)
  3. मुसाफिर हूँ यारों, ना घर है ना ठिकाना, मुझे चलते जाना (फिल्म परिचय सुने/देखें)
  4. यूं ही चला चल राही, कितनी हसीन है ये दुनिया (फिल्म स्वदेस - देखें/सुनें)
  5. सुहाना सफर और ये मौसम हसीं (फिल्म मधुमती - देखें/सुनें)
  6. दुनिया की सैर कर लो (फिल्म  Around the World एराउंड द वर्ल्ड - देखें/सुनें)
  7. चला जाता हूँ किसी की धुन में धड़कते दिल के तराने लिए (फिल्म मेरे जीवन साथीदेखें/सुनें)
  8. वहां कौन है तेरा मुसाफिर जाएगा कहां, दम ले ले घड़ी भर (फिल्म गाइडदेखें/सुनें)
  9. हम हैं राही प्यार के... जो भी प्यार से हम उसी के हो लिये (फिल्म नौ दो ग्यारहदेखें/सुनें)
  10. क्या मौसम है, चल कहीं दूर निकल जायें (फिल्म दूसरा आदमी देखें/सुनें)
  11. चल सैर गुलशन की तुझको कराऊं (फिल्म चरणों की सौगन्ध देखें/सुनें)
  12. उड़ें, खुले आसमान में ख्वाबों के परिंदे (फिल्म जिन्दगी न मिलेगी दुबारा देखें/सुनें)
  13. चलो ना, ढूंढे शहर नया, जहां मुस्कराहटे हैं बिखरी... (फिल्म जिन्दगी न मिलेगी दुबारा देखें/सुनें)
  14. हम जो चलने लगे, चलने लगे हैं ये रास्ते (फिल्म जब वी मेट देखें/सुनें)
  15. किसी मंजर पर में रूका नहीं, कभी खुद से भी मैं मिला नहीं.. फिर से उड़ चला (फिल्म रॉकस्टार देखें/सुनें)
  16. धुआं छंटा खुला गगन मेरा, नयी डगर नया सफर मेरा...रूबरू (फिल्म रंग दे बसंती देखें/सुनें)
  17. धीरे चलना है मुश्किल जो जल्दी ही सही.. हम चले बहार में.. गुनगुनाती राहो में (फिल्म पीकू देखें/सुनें)
  18. आंखो मे सपने लिये, घर से हम चल तो दिये, जाने अब ये राहें ले जायेंगी कहां... तन्हा दिल.. (गायक शान देखें/सुनें)
  19. सफर.. कैसा है ये सफर, मंजिलों की न है कोई खबर (गायक भुवन बाम देखें/सुनें)
  20. ये हसीं वादियां ये खुला आसमां.. आ गये हम कहां... (फिल्म रोजा देखें/सुनें)
  21. यूं ही कट जाएगा सफर साथ चलने से,के मंजिल आयेगी नजर साथ चलने से  (फिल्म हम हैं राही प्यार के देखें/सुनें)
  22. जरा होले होले चलो मोरे साजना, हम भी पीछे हैं तुम्हारे (फिल्म सावन की घटा देखें/सुनें)
  23. मैं निकला गड्डी लेके, एक मोड़ आया (फिल्म गदर देखें/सुनें)
  24. घूमें बंजारे घूमें गलियां ये बेचारे (फिल्म फगली देखें/सुनें)
  25. ओ बन्देया, ढूंढ़े है क्या? राहें तेरी, हैं घर तेरा। चलना वहां खुद तक कहीं पहुंचे जहां (फिल्म नोटबुक देखें/सुनें)
  26. रूक जाना नहीं तू कहीं हार के, कांटों पे चलके मिलेंगे साये बहार के। ओ राही ओ राही, ओ राही ओ राही।। (फिल्म इम्तिहान देखें/सुनें)
  27. चल अकेला, चल अकेला, चल अकेला
    तेरा मेला पीछे छूटा राही चल अकेला

    हज़ारों मील लम्बे रास्ते तुझको बुलाते
    यहाँ दुखड़े सहने के वास्ते तुझको बुलाते
    है कौन सा वो इंसान यहाँ पे जिस ने दुख ना झेला
    चल अकेला ...
    - (फिल्म संबंध देखें/सुनें)
  28. निकले थे कहां जाने के लिये, पहुंचेंगे कहां, मालूम नहीं। अब अपने कदमों को, मंजिल का निशां मालूम नहीं।। (फिल्म बहू-बेगम देखें/सुनें)


पर्यटन पर बॉलीवुड हिंदी फिल्म संवाद/वाक्य


  1. रास्ते की परवाह करूंगा तो मंजिल बुरा मान जायेगी - फिल्म वंस अपोन ए टाइम इन मुंबई
  2. 22 तक पढाई 25 तक नौकरी 26 पे छोकरी 30 पे बच्चे 60 पे रिटायरमेंट और फिर मौत का इंतज़ार… ऐसी घिसी-पिटी ज़िन्दगी थोड़े ही जीना चाहता हूँ - फिल्म ये जवानी है दीवानी
  3. मैं उड़ना चाहता हूं, दौड़ना चाहता हूं, गिरना भी चाहता हूं, बस रुकना नहीं चाहता - फिल्म ये जवानी है दीवानी
  4. एक ही शहर एक ही घर एक ही कमरे में, तू अपनी सारी लाइफ काट देगी? सोच कर डर नहीं लगता - फिल्म ये जवानी है दीवानी
  5. मुझे पहाड़ो में जाना है, फिर से हिमालय देखना है, बाइक राइड, सनराइज, बोनफायर जलाना है - फिल्म ये जवानी है दीवानी - फिल्म रॉकस्टार
  6. जहां से तुम मुझे लाये हो, मैं वहां वापस नहीं जाना चाहती, पर ये रास्ता बहुत अच्छा है, मैं चाहती हूं कि ये रास्ता कभी खतम न हो - फिल्म हाईवे
  7. शादी के बाद न, हम पहाड़ों में रहेंगे, मुझे पहाड़ बहुत पसंद हैं। रियली! - फिल्म जब वी मेट
  8. हम लोगों को हर साल एक ना एक बार गोवा जरूर आना चाहिये - फिल्म दिल चाहता है
  9. पिघले नीलम से बहता हुआ ये सामान, नीली  नीली सी खामोशियां, ना कहीं है जमीन ना कहीं आसमां, सरसराती हुई टहनियां, पट्टियां कह रही हैं कि बस एक तुम हो यहां - फिल्म जिन्दगी न मिलेगी दोबारा
  10. दिन का पूरा फायदा उठाओ, मेरे दोस्त पहले इस दिन को पूरी तरह जियो फिर 40 के बारे में सोचना - फिल्म जिन्दगी न मिलेगी दोबारा
  11. मुझे यहाँ से कही दूर ले चल हार्दिक मुझे एक ब्रेक चाहिए, हमें एक ब्रेक चाहिए - फिल्म गो गोवा गौन



Travelling Safar Sher Shayari

सफर ट्रैवलिंग शेर-ओ-शायरी   


ज़िदगी किसी के लिये एक सुहाना और किसी के लिये मुश्किल सफ़र है। हम ताउम्र जीवन के अंजाने रास्ते पर चलते रहते हैं। शायरों और कवियों/गीतकारों ने जिंदगी रे सफ़र को अपने ढंग से समझा है और अपनी शायरी व कविताओं में ढाला है। पेश है 'सफ़र' पर मशहूर शायरों के कुछ चुनिंदा शेर -


सैर कर दुनिया की गाफिल, जिंदगानी फिर कहाँ? 
ज़िंदगी गर कुछ रही तो, नौजवानी फिर कहां? - राहुल सांकृत्यायन 


दुनिया-दुनिया सैर सफर थी शौक की राह तमाम हुई,
इस बस्ती में सुबह हुई थी, इस बस्ती में शाम हुई।।
 - सज्जाद बाकर रिज्वी


मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया 
- मजरूह सुल्तानपुरी


जिनमें अकेले चलने के हौसले होते हैं
एक दिन उन्हीं के पीछे काफिले होते हैं


भीड़ का हिस्सा बनूं ये फितरत नहीं है मेरी 
मुझे आदत है अपने काफिले खुद बनाने की 


मशहूर हो जाते हैं वो जिनकी हस्ती बदनाम होती है,
कट जाती है जिंदगी सफ़र में अक्सर जिनकी मंजिलें गुमनाम होती हैं


किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल
कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा 
-अहमद फ़राज़


न जाने कौन सा मंज़र नज़र में रहता है
तमाम उम्र मुसाफ़िर सफ़र में रहता है
-निदा फ़ाज़ली


ज़िंदगी है मुख़्तसर आहिस्ता चल
कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता चल 
- शाहीन ग़ाज़ीपुरी


मुझे ख़बर थी मेरा इन्तजार घर में रहा,
ये हादसा था कि मैं उम्र भर सफ़र में रहा 
-साक़ी फ़ारुक़ी


गर फिरदौस बर रुए ज़मीं अस्त, 
हमीं अस्तो, हमीं अस्तो, हमीं अस्त
जहांगीर ने कश्मीर के बारे में फारसी में कहा था - 
अर्थात अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है, 
यहीं पर है और सिर्फ यहीं पर है


सफर हो शाह का या काफिला फकीरों का
शजर मिजाज समझते हैं राहगीरों का


उम्र को हराना है तो शौक जिंदा रखिये,
घुटने चलें या न चलें मन उड़ता परिंदा रखिये


जिंदगी यूँ हुई बसर तन्हा
काफिला साथ और सफर तन्हा 
- गुलजार


काफिले इस राह पर आते रहे जाते रहे
राहबर सब को मसाफत का सिला देता रहा 
- कतील शिफाई


मजरूह काफिले की मिरे दास्तां ये है
रहबर ने मिल के लूट लिया राहजन का साथ
- मजरूह सुल्तानपुरी

आंख रहजन नहीं तो फिर क्या है
लूट लेती है काफिला दिल का 
- जलील मानिकपुरी


हुजूम ऐसा कि राहें नजर नहीं आतीं
नसीब ऐसा कि अब तक तो काफिला न हुआ 
- अहमद फराज


किन मंजिलों लुटे हैं मोहब्बत के काफिले
इंसां जमीं पे आज गरीब-उल-वतन सा है


मैं खुद भी शामिल नहीं सफर में
पर लोग कहते हैं, काफिला हूं मैं  
- वसीम बरेवली


मुझ को चलने दो, अकेला है अभी मेरा सफर
रास्ता रोका गया तो काफिला हो जाउँगा  
- वसीम बरेवली


खुशबू का काफिला ये बहारों का सिलसिला
पहुंचा है शहर तक तो मेरे घर भी आयेगा 
- मंसूर उस्मानी


तुम्हारा क्या तुम्हें आसां बहुत रास्ते बदलना है
हमें हर एक मौसम काफिले के साथ चलना है 
- जलील आली


आप इक और नींद ले लीजिये
काफिला कूच कर गया कब का 
- जौन एलिया


मंजिलों से कह दो किसी और की हो जायें
के अब तुझे पाने की हसरत नहीं रही 


मिलते गये हैं मोड़ हर मुकाम पर
बढ़ती गई हैं दूरियां मंजिल जगह जगह
 - सूफी तबस्सुम


राह में उस की चलना है ऐश करा दें कदमों को
चलते जायें चलते जायें यानी खातिर-ख्वाह चलें 
- जौन एलिया


लीजिये क्यूं अहसान किसी काफिले का
सफर में जब  तन्हा ही जाना पड़ता है


कुछ मेरे बाद और भी आयेंगे काफिले
काटे ये रास्ते से हटा लूं तो चैन लूं 
- तसव्वुर किरतपुरी


वो जीवन में क्या आये, बदल गयी जिंदगी हमारी, 
वरना सफ़र-ए-जिंदगी कट रही थी, धीरे-धीरे


दिल से मांगी जाए तो, हर दुआ में असर होता है, 
मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनकी जिंदगी में सफ़र होता है


घूमना है मुझे सारा जहां, तुम्हें अपने साथ ले कें,
बनानी हैं  बहुत सी यादें, हाथों में तुम्हारा हाथ ले के


मंजिल बड़ी हो तो, सफ़र में कारवां छूट जाता है, 
मिलता है मुकाम तो, सबका वहम टूट जाता है


सफ़र-ए- जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है, 
बेगाने हैं ये सब जो अपनापन जताते हैं, 
छोड़ जाएँगे ये साथ इक दिन तेरा राहों में, 
वो जा आज खुद को तेरा हमसफ़र बताते हैं


इन अजनबी सी राहों में, जो तू मेरा हमसफ़र हो जाये, 
बीत जाए पल भर में ये वक़्त, और हसीन सफ़र हो जाये


बीत जाएगा ये सफ़र भी दर्द की राहों का, 
मिलेगा साथ जब खुशियों की बाहों का, 
बढ़ाते रहना कदम, मत रुकना कभी,
होगा रुतबा तेरा जैसे शहंशाहों का


रहेंगे दर्द जिंदगी में, तो ख़ुशी का इंतजाम क्या होगा? 
निकल पड़े हैं जो बदलने खुद को, 
न जाने इस सफ़र का अंजाम क्या होगा?


मशहूर हो जाते हैं वो, 
जिनकी हस्ती बदनाम होती है, 
कट जाती है जीवन सफ़र में अक्सर, 
जिनकी मंजिलें गुमनाम होती हैं


मुकम्मल होगा सफ़र एक दिन, 
बस दिल में ताजा जज़्बात रखना, 
तमाम मुश्किलें आएंगी लेकिन, 
अपने काबू में हर हालत रखना


दिल से मांगी जाए तो, 
हर दुआ में असर होता है, 
मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, 
जिनकी जिंदगी में सफ़र होता है


वो जीवन में क्या आये, बदल गयी जिंदगी हमारी, 
वरना सफ़र-ए-जिंदगी कट रही थी, धीरे-धीरे


सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ...
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली


आओ संग में एक कहानी बनाते हैं,
चलो कहीं घूम के आते हैं!


ज़ख्म कहां कहां से मिले हैं, छोड़ इन बातों को,
ज़िंदगी तू तो बता, सफर और कितना बाकी है


डर हम को भी लगता है रास्ते के सन्नाटे से 
लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा 
- जावेद अख़्तर


है कोई जो बताए शब के मुसाफ़िरों को 
कितना सफ़र हुआ है कितना सफ़र रहा है 
- शहरयार


अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं
रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं
-निदा फ़ाज़ली


सफर का एक नया सिलसिला बनाना है
अब आसमान तलक रास्ता बनाना है
तलाशने हैं अभी हम-सफर भी खोए हुए
कि मंजिलों से उधर रास्ता बनाना है
- शहबाज ख्वाजा


मिरे शौक-ए-सैर-ओ-सफर को अब नए
इक जहां की नुमूद कर
तिरे बहर ओ बर को तो रख दिया है कभी का 
मैं ने खंगाल कर
- असलम महमूद


न जाने कैसा रिश्ता है रहगुजर का कदमों से
थक के बैठ जाऊं तो रास्ता बुलाता है
- शकील आजमी


मुसीबतें लाख आएंगी जिंदगी की राहों में,
रखना तू सबर,
मिल जाएगी तुझे मंजिल इक दिन
बस जारी रखना तू सफ़र।


उम्र बीत गयी लेकिन
सफ़र ख़त्म न हुआ,
इन अजनबी सी राहों में जो
खुद को ढूँढने निकला।



है नसीबों में सफ़र तो
मैं कहीं भी, क्यूं रुकूं?
छोड़ के आया किनारे, बह सकूं जितना बहूं
दिन गुज़रते ही रहे, यूं ही बेमौसम
रास्ते थम जाये पर रुक न पायें हम
- फिल्म मलंग के गाने मलंग का एक मुखड़ा


कोई मंजिल नहीं बाकी है मुसाफिर के लिये
अब कहीं और नहीं जायेगा, घर जायेगा।
- असलम फारूखी


इस सफर में नींद ऐसी खो गई,
हम न सोए रात थक कर सो गई।
- राही मासूम रजा


घर से निकले हैं, हम सफर में हैं
कहिये मंजिल से इंतजार करे।


रास्ते कहां खत्म होते हैं, जिन्दगी के सफर में,
मंजिलें तो वही हैं जहां ख्वाहिशें थम जायें।


हज़ारों उलझनें राहों में ,और कोशिशें बेहिसाब ।
उसी का नाम हैं ज़िंदगी ,चलते रहिए जनाब।


हम लोग जाने कैसे मसाफिर हैं वरना यार
दो चार - ढोकरों में संभल जाना चाहिये।
- शकील आजमी


सफर में अब के अजब तजरबा निकल आया
भटक गया तो रास्ता निकल आया।
- राजेश रेड्डी


मंजिलें भी जिद्दी हैं, रास्ते भी जिद्दी हैं,
देखते हैं कल क्या हो, हौंसले भी जिद्दी हैं।


निकले थे कहां जाने के लिये, पहुंचेंगे कहां, मालूम नहीं।
अब अपने कदमों को, मंजिल का निशां मालूम नहीं।।
- साहिर लुधियानवी


अदम की जो हकीकत है वो पूछो अहल-ए-हस्ती से
मुसाफिर को तो मंजिल का पता मंजिल से मिलता है।।
- दाग देहलवी


ये हम ही आ गये मुश्किले सफर मे,
बहुत आसां था मंजिल तक पहुंचना।।
- संजू शब्दिता




ट्रैवलिंग के ये शेर-शायरी, मुहावरे, गाने, वाक्य, विचार, Quotes, Status पढ़ कर यदि आपका ट्रिप पर जाने का मन कर रहा है, तो देरी किस बात की है, कार्यक्रम बनाओ, बैग पैक करो और घूमने निकल लो। 

आप भी यदि कोई यात्रा से संबंधित विचार, वाक्य, शेर-ओ-शायरी यहां पर बताना चाहें तो आपका स्वागत है। बताइये कोई नयी बात जो यहां पर बढ़ाई जा सके।

Manisha रविवार, 9 अगस्त 2020
भारत में आधिकांश तौर पर माल ढोने के लिये ट्रकों का इस्तेमाल होता है और इन ट्रकों को चलाने वाले अपने ट्रकों को बहुत ही प्यार से सजाते हैं। ट्रकों को चलाने वाले ड्राइवर अपने ट्रकों पर खूब अच्छी अच्छी शेरो-शायरी लिखवाते हैं। ट्रक ड्राइवरों की ये शेरो-शायरी कई बार बड़ी ही मजेदार होती है। 


ट्रकों पर की गई इस शायरी के कुछ शेर तो बहुत ही गहरी बात कह जाते हैं, वहीं कुछ शेर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं। हमने यहां पर भारतीय ट्रकों की शेरो-शायरी को संकलित करा है। उम्मीद है कि ट्रक ड्राइवरों की ये शेर शायरी आपको पसंद आयेगी -


ट्रक ड्राइवरों के शेर शायरी और वाक्य


"आगे वाला कभी भी खड़ा हो सकता है।"


"तेरह के फूल सत्रह की माला, बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला।"


"सावधानी हटी, दुर्घटना घटी"


"सावधानी हटी, सब्जी पूड़ी बंटी"


"खूबसूरती देख कर नजरें ना हटाना,
सावधानी हटी, दुर्घटना घटी"


"बुरी नजर वाले तेरे बच्चे जियें, बड़े होकर तेरा खून पियें।"


"बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला"


"बुरी नजर वाले नसबंदी करा ले"


"बुरी नजर वाले तू सौ साल जिये, तेरे बच्चे दारु पी पी कर मरें।"


"पहले जय शंकर की बोलो, फिर दरवाजा खोलो"


"हम तो दरिया हैं समंदर में जायेंगे, चमचों का क्या होगा वो कहां जायेंगे"


"मालिक तो महान है, चमचों से परेशान है"


"मालिक का पैसा, ड्राइवर का पसीना, 
चलती है सड़क पर, बन कर हसीना।"


"13 मेरा 7"


"अपनी सवारी जान से प्यारी"


"चलती है गाड़ी तो उड़ती है धूल
जलते हैं कोंग्रेसी तो खिलते हैं फूल"


"ज़िंदगी है मुख़्तसर आहिस्ता चल, 
कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता चल..."


"मुसीबतें लाख आएंगी जिंदगी की राहों में,
रखना तू सबर,
मिल जाएगी तुझे मंजिल इक दिन
बस जारी रखना तू सफ़र।"


"उम्र बीत गयी लेकिन सफ़र ख़त्म न हुआ,
इन अजनबी सी राहों में जो, खुद को ढूँढने निकला।"


"जल्दी बुकिंग करो अपने सामान की, 
चाहे वह हल्का हो या भारी..
अभी ध्यान नहीं, बाद में लिखूंगा शायरी"


"मैं भर के चली जाऊंगी, तू देखते रहियो।"


ट्रक ड्राइवरों के शेर शायरी
ट्रक ड्राइवर शेर शायरी 👆


"धीरे चलोगे तो बार बार मिलोगे, तेज चलोगे तो हरिद्वार मिलोगे"


"वाहन चलाते समय, सौंदर्य दर्शन न करें
वर्ना देव दर्शन हो सकते हैं"


"हंस मत पगली, प्यार हो जायेगा"


"लोन भरना बाकी है थोड़ा दूरी बनाये रखे"


"राम युग में घी मिला, कृष्ण युग में घी, इस युग में दारु मिली, खूब दबा के पी।"


"ये नीम का पेड़, चन्दन से कम नहीं, हमारा लखनऊ लन्दन से कम नहीं"


"जिन्हें जल्दी थी वो चले गये, तुझे जल्दी है तो तू भी जा"


"ग़मों से चूर हूं फिर भी नसे से दूर हूं
बच कर चलता हूं इसलिए क्योंकि
मैं भी किसी की मांग का होने वाला सिंदूर हूँ"


"मत कर मोहब्बत ड्राइवर से, उनका ठिकाना दूर होता है
वो बेवफा नहीं होते उन्हें जाना जरूरी होता है।"


"नींद चुराती है होश उड़ाती है, फलनवा की बेटी सपनवा में आती है।"


"बंगाल का रूट पसंद है, बिहार डरा देती है
भाई से प्यार होता है, भाभियां लड़ा देती हैं।"


"करोना, फ़ॉलो ना"


"जलो मत, बराबरी करो"


"अभी जाती हूं फिर आऊँगी"


"गड्डी जांदी आ छलांगा मारदी
जदों याद आवे सोहने यार दी..!"


"ना बोलूं मैं तो कलेजा फूंके,  
जो बोल दूँ तो ज़बाँ जले है.."


ट्रक ड्राइवरों के शेर शायरी
ट्रक ड्राइवरों के शेर शायरी👆


"रेशमी सलवार चप्पल बाटा की, छींक मारती जाये गाड़ी टाटा की"


"वक्त से पहले नसीब से ज्यादा कभी नहीं मिलता"


"मां मेरी दुनिया तेरे  आंचल में"


"जरा कम पी मेरी रानी, बहुत मंहगा है इराक का पानी"


"Use Dipper at Night"


"भगवान बचाये तीनों से, डाक्टर पुलिस हसीनों से"


"ऐ मालिक क्यों बनाया गाड़ी बनाने वाले को, घर से बेघर कर दिया गाड़ी चलाने वाले को"


"फानूस बन कर जिसकी हिफाजत  हवा करे, वो शमा क्या बुझेगी जिसे रोशन खुदा करे"
"नीयत तेरी अच्छी है तो, किस्मत तेरी दासी है। कर्म तेरे अच्छे हैं तो घर में मथुरा काशी है।।"


"हमारी चलती है, लोगों की जलती है"


"कीचड़ में पैर रखोगी तो धोना पड़ेगा, ड्राइवर से शादी करोगी तो रोना पड़ेगा"


"अपनों से बचो गैरों से निपट लेंगे"


"क्यों मरते हो बेवफा सनम के लिये, दो गज जमीन मिलेगी दफन के लिये।
मरना है तो मरो वतन के लिये, हसीना भी दुपट्टा उतार देगी कफन के लिये।।"


"दुल्हन वही जो पिया मन भाये, पिया वही जो पी कर आये"


"मैं खूबसूरत हुं मुझे नजर न लगाना, जिन्दगी भर साथ दूंगी पीकर मत चलाना"


"गलत ओवरटेक से यमराज बहुत खुश होता है"


"जगह मिलने पर साइ़़ड दिया जायेगा"


"भूत प्रेत और मासूम बीवी मन का वहम है, ऐसा कुछ नहीं होता"


"घूमता हुँ गली गली मुझसे प्यार न करना
कभी भी गले मिल लूं बस सावधान ही रहना"


"कृपया हार्न न बजाऐं साहब ने पहले से ही सबकी बजा रखी है..!"


"माई नेम इस मीनाकुमारी, मुझे चाहिए ब्यूटीफुल सवारी"


"मीना कुमारी का लाल दुपट्टा, गाड़ी को कोसने वाला उल्लू का पट्ठा"


"जलो मत दोस्तों, ये तो मीना की गड्डी है ऐसे ही चलेगी"


"दूरी बना के चल, वरना टपक जाएगा"


"यारो सफर है सुहाना , चाल मेरी तूफानी,
खतरों से है खेलना, मैं झारखण्ड की रानी"


यह भी देखिये -

Manisha बुधवार, 24 जनवरी 2007

जिन्दगी की शायरी और शेर


अक्सर जब हम किसी महफिल, समारोह या फिर किसी भी प्रकार के आयोजन में जाते हैं तो हम देखते हैं कि कुछ लोग बहुत ही जल्दी सबको अपनी बातों से प्रभावित कर के वहां पर अपना प्रभाव छोड़ जाते हैं। 

ऐसे लोग जिन्दगी की बातों के उपर कुछ ऐसे शेर शायरी वाक्य या सूक्ति का प्रयोग करते हैं जिससे लोग उनसे अत्यंत ही प्रभावित हो जाते हैं। 


मैने भी कई ऐसे सामाजिक, राजनैतिक, तकनीकी या फिर पारिवारिक आयोजनों मे भाग लिया है जहां पर कोई वक्ता अपने संबोधन में कुछ ऐसी लच्छेदार बाते करते हैं कि लोग वाह वाह कर उठते हैं। 

कुछ लोग उर्दू भाषा की ऐसी शेरो शायरी का प्रयोग करते हैं जो कि जिन्दगी के कई पहलूओं को छू जाती है, कई लोग हिंदी और अंग्रेजी के कुछ प्रसिद्ध वाक्यों को बोलते हैं।


अक्सर मंच पर बोलने वाले लोग, टीवी पर किसी बहस में बोलने वाले लोग और संसद या राज्यों की विधान सभाओं में बोलने वाले राजनीतिज्ञ लोग  ऐसी ही जिन्दगी की शेरो-शायरी को बोलते हैं और अपनी बात के वजन को हजार गुना बढ़ा देते हैं। 

संसद में तो कई बहस अपनी शेरो शायरी और जबाबी शेरो-शायरी के लिये प्रसिद्ध हैं जैसे कि मनमोहन सिंह और सुषमा स्वराज की बहस, हाल के दिनों मे मोदी जी भी संसद में अपनी बात में शेर शायरी के रखने लगे हैं।

जिन्दगी की शेरो शायरी के कुछ शेर तो अत्यंत ही प्रसिद्ध है बहुत ही ज्यादा प्रयोग होते हैं। मेरा आप लोगों के लिये अनुरोध रहेगा कि इस प्रकार के कम से कम 40-50 शेर तो आप याद कर ही लीजिये और हम महफिल में अपनी धाक जमाइये।


जिन्दगी की शायरी



दो पल की है जिन्दगी
उसको तू मुस्करा के जी


कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता
एक पत्थर तो जरा तबियत से उछालो यारो ।


यार जरा माहौल बना
हर पल में उठा सदियों का मजा
जो बीत गया सो बीत गया
जो बीतना है वो हंस के बिता
यार जरा माहौल बना
हर पल में पी बस एक दवा
जी खोल के जी, जी जान से जी
कुछ कम ही सही पर शान से जी



कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता,
कहीं जमीं तो कहीं आसमां नहीं मिलता,
जिसे भी देखिये वो अपने आप में गुम है,
जुबां मिली है मगर हमजुबां नहीं मिलता,
बुझा सका है कौन भला वक्त के शोले,
ये एसी आग है चिसमें धुवां नहीं निकलता
तेरे जहां में ऐसा नहीं के प्यार नहीं ना हो
जहां उम्मीद हो वहां नहीं मिलता
निदा फाजली



हजारों जवाबो से अच्छी है मेरी खामोशी,
न जाने कितने सवालों की आबरू रखी


मुल्क ने मांगी थी एक चिंगारी, फकत रोशनी के लिए 
निज़ाम ने हुक्म दिया, चलो आग लगा दी जाए


ना इधर-उधर की तू बात कर, 
ये बता कि काफिला क्यों लुटा, 
हमें रहज़नों से गिला नहीं, 
तेरी रहबरी का सवाल है


माना कि तेरे दीद के काबिल नहीं हूं मैं, 
तू मेरा शौक देख, मेरा इंतजार देख


खुदी को कर बुलंद इतना के हर तकदीर से पहले
खुदा बंदे से खुद पूछा तेरी रजा क्या है?


उम्र-ए-दराज़ मांग के लाई थी चार दिन
दो आरज़ू में कट गए दो इंतिज़ार में


कितना है बद-नसीब 'ज़फ़र' दफ़्न के लिए
दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में


तम मुझको न चाहो, तो कोई बात नहीं
तुम किसी और को चाहो तो मुश्किल होगी 


कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, 
यूं ही कोई बेवफा नहीं होता


तुम्हें वफा याद नहीं हमें जफा याद नहीं, 
जिंदगी और मौत के दो ही तराने हैं 
एक तुम्हें याद नहीं, एक हमें याद नहीं


हमको है उनसे वफा की उम्मीद
जो नहीं जानते वफा क्या है 


चमन को सींचने में कुछ पत्तियां झड़ गई होंगी,
यहीं इल्जाम लग रहा है हम पर वेवफाई का,
चमन को रौंद डाला जिन्होंने अपने पैरों से,
वही दावा कर रहे हैं इस चमन की रहनुमाई का। 


फ़ानूस बन के जिस की हिफ़ाज़त हवा करे 
वो शमा क्या बुझे जिसे रौशन ख़ुदा करे।


ज़ाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर 
या वो जगह बता दे जहाँ पर ख़ुदा न हो 


और भी ग़म हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा


दिल के फफूले जल उठे सीने के दाग़ से 
इस घर को आग लग गई घर के चराग़ से 


ग़रज़ कि काट दिए ज़िंदगी के दिन ऐ दोस्त
वो तेरी याद में हों या तुझे भुलाने में


ज़िंदगी रोक के अक्सर यही कहती है मुझे
तुझ को जाना था किधर और किधर आ गया है


बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता


वक़्त दो मुझ पर कठिन गुज़रे हैं सारी उम्र में
इक तेरे आने से पहले इक तेरे जाने के बाद


हो जाए जहाँ शाम वहीं उन का बसेरा
आवारा परिंदों के ठिकाने नहीं होते


तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा 
मुझ को ग़ुस्से पे प्यार आता है 


इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा 
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं 


कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता 
कहीं ज़मीन, कहीं आसमाँ नहीं मिलता


बर्बाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी था
हर शाख़ पे उल्लू बैठा है अंजाम-ए-गुलिस्ताँ क्या होगा


कश्ती चलाने वालों ने जब हार कर दी पतवार हमें
लहर लहर तूफान मिले और मौज-मौज मझधार हमें,
फिर भी दिखाया है हमने और फिर ये दिखा देंगे, सबको, 
इन हालात में आता है दरिया पार करना हमें 


हजारों ख्वाहिशें ऐसी, कि हर ख्वाहिश पे दम निकले 


नजर को बदलो तो नजरें बदल जाती हैं
सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते हैं,
कश्तियां बदलने कि जरूरत नहीं, 
दिशा को बदलो तो किनारे खुद-ब-खुद बदल जाते हैं


बझ जाते हैं दिये, कभी तेल की कमी से भी
हर बार कुसूर हवा के झोंके का नहीं होता


चमन में इख्तिलात-ए-रंगोबू से बात बनती है
हम ही हम हैं तो क्या हम हैं, तुम ही तुम हो तो क्या तुम हो


इस मोड़ पर घबरा के थम न जाइये आप
जो बात नयी है उसे अपनाइए आप
डरते हैं नयी राह पे क्यों चलने से
हम आगे-आगे चलते हैं आजाइए आप


यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रोम सब मिट गए जहां से
 अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशां हमारा 


कुछ ऐसे भी मंजर हैं तारीख की नजरों में, 
लम्हों ने खता की थी, सदियों ने सजा पाई


हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम
 वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता


तकाजा है वक्त का कि तूफान से जूझो, 
कहां तक चलोगे किनारे किनारे 


ता उम्र ये भूल मैं करता रहा
धूल चेहरे पर थी और आइना साफ़ करता रहा


मुक्तसर सी जिंदगी के अजब से अफसाने हैं,
यहां तीर भी चलाने हैं और परिन्दे भी बचाने हैं


तुम तहज़ीब को भी इखलास समझते हो
दोस्त होता नहीं हर शख्स, हाथ मिलाने वाला



गुलाचीं ने तो कोशिश कर डाली, सूनी हो चमन की हर डाली
कांटों ने मुबारक काम किया, फूलों की हिफ़ाजत कर बैठे



रंज कि जब गुफ्तगू होने लगी
आप से तुम, तुम से तू होने लगी



मैं अकेला ही चला था जानिबे-मंजिल, मगर
लोग साथ आते गये, कारवां बनता गया



मौत का भी इलाज हो शायद
जिन्दगी का कोई इलाज नहीं
ज़माना बढ़े शौक से सुन रहा था
हमीं सो गये, दास्तां कहते कहते



लहरों की जिन्दगी पर कुर्बान हजार जाने,
हमको नहीं गवारा साहिल की मौत मरना


यकीन जानिये इस तरह के जिन्दगी के शेर और शायरी को यदि हम याद कर लें और अपनी रोजाना की बाेलचाल में इस्तेमाल करना शुरू कर दें तो आप देखेंगे कि लोग आप से प्रभावित होने लगे हैं और आप की लोकप्रियता बढ़ने लगी है। ये भी देखें - ट्रक ड्राईवरों के द्वारा ट्रकों पर शेर और शायरी

Manisha शुक्रवार, 7 जुलाई 2006

प्यार की शायरी

प्यार की शायरी

Shayari of Love

ये किन नज़रों से आज तुमने देखा,
के तेरा देखना देखा न जाये
अहमद फ़राज


उनको आता है प्यार पे गुस्सा,
हमें गुस्से पे प्यार आता है
अमीर मिनाई


क्या नज़ाकत है, कि आरिज उनके नीले पढ़ गये
हमने तो बोसा लिया था तसवीर का
उन्हें खत में लिखा था के "दिल मुज़तरीब है"
ज़वाब उनका आया " मुहब्बत न करते,
तुम्हें दिल लगाने को किसने कहा था?
बहल भी जायेगा दिल, बहलते बहलते"
आंखों में जो भर लोगे, तो कांटों से चुभेंगे
ये ख्वाब तो, पलकों पे सजाने के लिये हैं
जनाजा रोक कर मेरा वो कुछ अन्दाज से बोले
"गली हमने कही थी, तुम तो दुनिया छोड़ जाते हो"
सफी लखनवी


तिरछी नज़र से न मारो, आशिके दिलगीर को
कैसे तीरन्दाज हो, सीधा तो कर लो तीर को
ख्वाजा वजीर


हुस्न-ओ-जवानी हो तो हर एक को गुरूर आता है
तेरे इन बहार आदों को देख कर हमें सरूर ता है
तझे बहार कहा तो फकत इस लिये के हर मौसम
शजर से रूठ भी जाये तो लौटकर जरूर आता है
हाले-दिल यार को लिखूं क्यों कर
हाथ दिल से जुदा नहीं होता
मोमिन


आज वो काली घटाओ पे नाजान लेकिन
चांद सी रोशनी बालों में उतर आयेगी
डा. जरीना सानी


हम भी कुछ खुश नहीं वफा करके
तुमने अच्छा किया, निबाह न की
मोमिन


हम भी वहीं मौजूद थे, हम से भी सब पूछा किये
हम हंस दिये, हंम चुप रहे, मंजूर था परदा तेरा
कल चौदहवीं की रात थी, शब भर रहा चेहरा तेरा
किसने कहा ये चांद है, किसने कहा चेहरा तेरा
इब्नेइंशा



रहा ना दिल में वो बेदर्द, और दर्द रहा
मकीन कौन हुआ है, मकां किस का था
दाग देहलवी


रात यूं दिल में, तेरी खोई हुइ याद आई
जैसे वीराने में, चुपके से बहार आ जाये
जैसे शहरों में, हौले से चले बादे-नसीम
जैसे बीमार को, बे-वजह करार आ जाये
कर रहा था गम-ए-जहां का हिसाब
आज तुम याद, बेहिसाब आये
तुम्हारी याद के जब जख्म भरने लगते हैं
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं


Manisha सोमवार, 26 जून 2006