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कोरोना जोक्स चुटकुले


चीन के वुहान शहर से निकला कोरोना वायरस महामारी का रूप ले चुका है। भारत में भी इससे पीड़ित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार सतर्क है, इससे लड़ रही है। भारत में 25 मार्च से पूर्ण रुप से लॉकडाउन या ताला बन्दी लागू कर दिया गया है। साथ ही सरकार ने सभी लोगों को हिदायत दी है कि बेहद जरूरी न होने पर वे घर से बाहर न जायें।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस को पैनडेमिक यानी महामारी घोषित कर दिया है। महामारी का नाम आधिकारिक रूप से उस बीमारी को दिया जाता है जो एक ही समय में दुनिया के अलग-अलग देशों में फैल रही हो।

Corona Jokes - कोरोना चुटकुले
Corona Jokes - कोरोना चुटकुले


भारत में भी कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। 20 मई (इस पोस्ट को लिखे जाने तक) कोरोना वायरस (Covid-19) से दुनियाभर में 3 लाख से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 50 लाख से ज्‍यादा लोग संक्रमित हैं। भारत में भी यहां कुल 106000 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है जिसमें से 3300 से ज्यादा की मौत हो चुकी है।

कोरोना जोक्स 


जब से भारत में कोरोना को लेकर चीन से खबरें आनी शुरु हुई तब से ही भारत में इसको लेकर सोशल मीडिया खासकर व्हाट्सएप (WhatsApp) पर कोरोना के बारे में तरह तरह की बातों का चर्चा होने लगी।

हम भारतीय आदत से ही उत्सव प्रिय होते हैं, हमने इस कोरोना आपदा में भी घर में रहते हुये इस पर विभिन्न प्रकार के चुटकुले जोक्स का आदान प्रदान शुरु कर दिया जो कि लॉकडाउन के प्रारम्भ होने के बाद और तेज हो गया। कई चुटकुलों पर तो लोगों नें टिक-टॉक (Tik Tok) पर वीडियो भी बना डाले जो कि और भी ज्यादा वितरित किये गये और लोगों के मनोरंजन का साधन बन गये।

कोरोना की जानकारी के बाद बने चुटकुले


जब भारत में लोगों को चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस के प्रसार के बारे  में पता चला तब से ही लोगो नें कोरोना से संबंधित जानकारी और चुटकुले प्रसारित करना शुरु कर दिया था। कुछ उसी समय के मशहुर चुटकुले ये हैं-


Teacher : What is the full form of COVID19? 
Student : China Organized Virus in December 2019!!
😀😀😀😀


आज हम लेटे हुए हनुमान मंदिर गयेन ...

पण्डितजी से बोला:
बहुत डर लगी रहा है Corona virus से
पंडितजी बोले: अपन हाथ आगे बढाओ
आखी मूंदे  हाथ बढ़ा दीन।
हाथ में चरणामृत मिला, पी गयेन
पंडितजी से बोला, बहुत कड़वा है
पंडितजी बोले: #Hand Sanitizer रहा बे , पी काहे गए !!🤣🤣😜😜


कोरोना घरवाली जैसा है शुरू मे लगता था कन्ट्रोल करलेंगे फिर पता चला कि इसके साथ तो अब एडजस्ट ही करना होगा 😃😃😂😂


बड़ी तन्हा सी बेपरवाह गुज़र रही थी ज़िंदगी ग़ालिब
अब ये आलम है कि एक छींक भी आ जाये तो दुनिया ग़ौर से देखती है


कोरोना, नमस्कार करवा रहा है।
कोरोना, लोगो को शाकाहारी बना रहा है।
कोरोना लोगो को अपने घरों कि चार दिवारी में रह कर meditate करने को मजबूर कर रहा है ।
कोरोना, मृत लोगो को दफ़नाने की जगह अग्नि संस्कार करवा रहा है।
अब तो confirm है कोरोना virus RSS का Agent है !!!
😜😂🤣😆


14 फरवरी (वैलेंटाइन  दिन) पर सात (7) प्रकार के कोरोनो वायरस होंगे -

1. कोरोनो
2. और कोरोना (करोना)
3. बस कोरोनो (करोना) 4. मत कोरोनो (करोना) 5. धीरे से कोरोनो (करोना) 6.  जोर से कोरोनो (करोना) 7. एक बार और कोरोनो (करोना) 🤐😂


कौन जानता था...??
केजरीवाल की खाँसी
एक दिन इस देश की
राष्ट्रीय caller tune

बन जाएगी...!!
😂😂😂😂😂


Bollywood is already planning a blockbuster...Here is the outline of a new Bollywood movie in production:

Shah Rukh Khan is a college student (!) whose girlfriend is touring in China. She gets infected with coronavirus and has been quarantined in a high security hospital in China. When the hero hears this, he consults a local baba, who gives a special medicine, which is nothing  but 'Hindustan ki mitti (soil of India). The hero now faces several hurdles while trying to deliver this medicine to his sweetheart, like breaching the border as there is travel restriction, extreme security at the hospital and a villain trying to sabotage the mission by replacing the medicine with 'Pakistan ki mitti'. How the hero accomplishes his mission is rest of the story.

The title of the movie is: CORONA PYAR HAI !!  🤣😂😃


"करोना" तो बिना करे ही मार रहा है.. इससे तो अच्छा AIDS था जो "करने" के बाद मारता था : शशी थरूर 😂😝


Life is difficult now a days

Go outside and you are afraid of "Virus Corona" 😷😷
Stay at office and you are afraid of "Target Carona" 🎯🎯
Stay at home and you are afraid of "Yeh Carona, Woh Carona" 😄😆


करीना और कोरोना में क्या अंतर है .

सैफ करीना की चपेट में है

और कोरोना की चपेट में कोई सेफ नही है 😂😂


Breaking news

कोरोना ने मज़ाक समझकर बिहार और यूपी वालों से लिया पंगा
संक्रमित हथेली पर खैनी रगड़ने से वायरस की दम घुटकर मौत!!😂😂


एक पत्नी द्वारा बड़ा ही उच्च
विचार दिया गया है
बार बार खाली साबुन से 
हाथ धोने से अच्छा तो
दो ~ दो बर्तन भी साथ
में धो दिया करो


😎कोरोनावाइरस से बचाव के लिये दो कली लहसुन और कच्चा प्याज सुबह शाम खाएं
......हालांकि इससे ...होना जाना कुछ भी नहीं है ..परंतु....
मुँह की दुर्गंध के कारण सभी के बीच ...सुरक्षित दूरी बनी रहेगी
😂🤣😆😃


The whole of Italy in lockdown and people maintaining a safe distance from Italians.
Scindia took it quite seriously!!😂😂😂


बड़ी तन्हा-सी बेपरवाह
गुजर रही थी जिंदगी ग़ालिब !

अब ये आलम है कि...
एक छींक भी आ जाये
तो दुनिया गौर से देखती है...!!

#Corona Virus🤣😜


दुनिया चिल्ला रही हैं कोरोना वायरस कोरोना वायरस💥 , और इन्द्र देव को सुनाई दें रह हैं करो ना बारिश , करो ना बारिश 💦💦 और इन्द्र देव ईमानदारी  से लगे हुए हैं🌧🌧


I am beginning to suspect a woman invented this Corona virus because:
1. Mostly men die.
2. football matches cancelled.
3. Sports events cancelled.
4. Bars & pubs closed.
5. No socializing in public
6. You have to stay at home with your wife for 24/7!!!
😅


पप्पू भिया ने टीवी पर सुना कि बाहर जाते समय मास्क और हैंड ग्लव्स पहनकर जाना ही सफीसिएंट है... "

उसने ऐसा ही किया
लेकिन जब बाहर गया तो देखा कि,

लोग मास्क और ग्लव्स के साथ साथ पैंट शर्ट भी पहने हुए थे

झूठे टीवी वाले...😡

😂😭😨😢🤷🏼‍♀


कल मैं कोरोना की जांच कराने गया,
 डाक्टर बोला 1500/- लगेंगे..

मैं तो डाक्टर के मुँह पे खांस के आ गया !!
अब जाँच वो कराएगा, वो ठीक तो मैं भी ठीक.
मैं क्यों पैसे लगांऊ 😃🤣


भले ही भाड़ में जाए
लेकिन भीड़भाड़ में नहीं
😷
जनहित में जारी    🙏😃🤣


धमकी भरी सावधानी
 एक दिन अपने घर पर बैठे रहना .....नहीं तो....
 13 दिन तक लोग बैठने आएंगे!

एकांत  is better than
देहांत...😂😂

Choice is yours..😜


कोरना हाथ मिलाने से फैलता है....
नज़रे मिलाने से नहीं.

डॉ शशि थरूर (स्त्री रोग विशेषज्ञ)

है न पते की बात😜😜😜

Corona bhi confuse ho gaya.. saala hum bimari hai ya tyohar😂😂



जीवन मे आप कितने भी positive क्यों ना हों ,परंतू , वर्तमान मे आप की रिपोर्ट Negative आना बहुत जरूरी है।।।
      - संत कोरोना दास वुहान वाले



आप के पास तीन चॉइस है👇
A 🏠 घर में रहना
B  🏥 हॉस्पिटल में रहना
C  ⚰️ फोटो फ्रेम में रहना

चॉइस आपकी है!
सब कुछ मोदी  जी नहीं करेंगे


Ajkal aisa lag raha hai BIGBOSS ke ghar mein rah rahe hain. Khana limited hai. Bahar ja nahi sakte. Bahar wala andar aa nahi sakta. Kaam khud kar rahe.
Modi ji 5 baje thali bajane ka task bhi de rahe hain.
😂😂Ghar me ladai bhi utni hi chal rahi hain bas broadcast nahi ho rahi 😆


Quote of the year/century:
Dear God,
Could we please uninstall 2020 and re-install it????  It has a virus!!


बाहर मत निकलिए। लठ्ठ सेनेटाइज किये जा रहे है।😄



एक मुद्दत से आरज़ू थी
फुरसत की ...

मिली , तो इस शर्त पे कि
किसी से ना मिलो ..!!😊🙏🙏



वक़्त वक़्त की बात है साहब


पहले "करो ना" सुनकर खड़ा हो जाता था


अब "करोना" सुनकर फट जाती है ll

😜🤣



एक मित्र ने बताया कि यदि Alcohol, 60% से ज्यादा Strength वाली हो तभी कोरोना वायरस मर सकता है...

बाजार में सिर्फ 42.8% वाली मिलती है... वायरस इसके सेवन से नहीं मरेगा.

फिर दिमाग में आया कि, मरे या न मरे... साला घायल तो हो ही जायेगा. 😂😅


Big Breaking.
गुटके की दुकान बन्द होने के बाद
पहली बार मुँह से बोला कानपुर का युवक
घरवाले समझते थे गूंगा।😑



कोरोना  के कारण लगे लॉकडाउन के बाद बने चुटकुले



🙏🏻🌹अर्ज किया है

क्या करें और कहां जाऐं,
यह तो अभी 21 दिन का रोना है,
😭😭
घर में बैठी है शेरनी, बाहर कोरोना है.
😂😭😜😉🥴


मन को वश में करना सीख रही हूँ आजकल😍

शिमला जाने का मन होता है तो शिमला मिर्च बना लेती हूँ

मसूरी जाने का मन होता है तो मसूर की दाल.... 😛

और उधमपुर जाने का मन होता है तो घर मे उधम मचा देती हूं

 😝😝😝😝😜😜😜😜😜😜😜

और चंडीगढ़ जाने का मन करता है तो घर में ही चंडी का रूप धर लेती हूं।  ⚔

एक पत्नी  😂😂😁


Meanwhile in Lahore,
a terrorist blows up his own house, after the Pakistan Government issued a 'Work From Home' advisory to it's citizens..!

😉😂🤣😅


बीवी की
- शॉपिंग बन्द
- मॉल जाना बंद
- फ़िल्म की फरमाइश बन्द
- आउटिंग की फरमाइस बन्द
- बाहर खाना बंद
- और सबसे बड़ी बात की मुँह पर मास्क का ताला लगाये फिरने से
दिन भर की चिक चिक बन्द।

वाह रे कोरोना तुम भी क्या कमाल की चीज हो,
तुमने वो कर दिखाया जो अच्छे अच्छे ना कर सके।
🤪🤪🤪🤪🤪🤪🤪🤪



अगर किसी को बैठने मे तकलिफ हो रही हो तो समझ जाना
.
.
.
.
.
भाई  करफ्यू देखने गया था.. 👶🏻
😎😝😂🤣


न दिन पता चल रहा है, न रात
न sunday, न monday
न मार्च, न अप्रैल ......
इन सब से अब मैं ऊपर उठ गया हूँ ...

हे प्रभु, क्या मुझे मोक्ष प्राप्त हो गया है 😊😊😊


एक बार कोरोना का लॉक डाउन खत्म हो जाये, फिर 7 दिन छुट्टी लेकर चैन की नींद सोऊंगा !
😆😴


Curfew में पुलिस से कूटे हुऐ लोगो ने कहा है कि मारने के बाद उनको रसीद दी जाए ताकि अगले चौक पर उसे दिखा कर पुनः पीटने से बच सके😁😄😆
=======

Simplicity of Msg

जो 21 दिन घर रहेगा

वही 2021 की जनगणना में रहेगा


कैसी चल रही है  lockdown  में जिंदगी ?
🤔
.
.
.
.
 एकदम मस्त‌ 👌🏻,  तेरी भाभी मारने दौड़ती है तो बाहर भाग जाता हूं फिर पुलिस मारने दौड़ती है तो घर में आ जाता हूँ!  😂


सबसे ज्यादा sms तो LIC वाले कर रहे है
प्रिय ग्राहक घर पर ही रहे और स्वस्थ रहे ,
(वरना हम किस किस के चुकाएंगे)😛😛😂😂


अगर लॉक डाउन लंबा चला तो

Sunday अपनी इज़्ज़त खो देगा
😂😂


पीछले 10 दिनों में मैंने इतना सो लिया है,कि अब सपने भी रिपीट हो रहे है..
😂😂😀😀😛😛


 कल दिन में बीवी की अलमारी  में कपड़े ज़माने  पर पता चला कि...
उसके पास 243 साड़ीयाँ और 156 सूट है....

पूरा दिन लग गया गिनने में 
कीड़े पड़ेंगे चीनियों तुमको
एक दुखी पति की कलम से😭😷😥


 जो काम सालो से बंगाली बाबा न कर सके उसे मोदी जी  ने कर दिखया।
शराब, तम्बाकू, गांजा, गुटखा,सौतन,  छुड़वाइये मात्र 21 दिनों मे।
 😎


14  अप्रैल  के  बाद

एक  सप्ताह  की  छुट्टी  लेकर  आराम  करुगा,

थक गया  हूँ  सो  सो  कर......!!!!😤😩
😄😆😂🤣😇



 अखबार में आज का "राशिफल" देखा..
लिखा था "यात्रा का योग है.."
ये अखबार वाले भी हड्डियां तुड़वाने पर तुले हैं...
🤣🤣🤣😂


 किचन में से पैगाम आया है,खाने की और चाय की उतनी ही मांग करें जितनी बर्तन धोने की क्षमता हो 
😀
कहानी घर घर की


 कल तक जो कहते थे कि

     मरने की फुर्सत नही है ....

   वो आज फुर्सत में बैठकर

सोच रहे है कि जीना कैसे है ......


 दो-दो चार-चार लठ उन पंडितों
 को भी जरूर पेलो जिन्होनें भविष्य में झांक कर इन दिनों
में विवाह के शुभमुहूर्त निकाले थे
🙄😜

 ध्यान रखिये
२१ दिन के बाद सरकार पुरुषों से गोल रोटी बनवा कर देखेगी,जो बना पायेंगे वही वाहर जा पायेंगे वर्ना १४ दिन और quarantin
🤣😂


 जब तक दुनिया Covid19 का इलाज खोजेगी

तब तक चीन Covid19 PRO लांच कर देगा!
😜😜🤣


 बड़े चले थे चाइना का मार्केट बंद कराने, चीनी सामानों का बहिष्कार करो,चीनी फटाखे/पिचकारियाँ मत खरीदो-याद है कि भूल गये?😷😷


साले चाइना ने हमारा क्या पूरे विश्व  ही  का मार्केट बन्द करा दिया. 😄😄😷


 और आखिर में ऐसा लगता है सारी जवाबदारी मेरे अकेले की ही है,तुम भी तो गोल रोटियां बनाना सीखो,नहीं तो अगले 14 !! हां समझ गये न।


We asked one question to a group of people.
"Whom would you love to see first, after 21 days of lockdown?"

80% of wives said "Maid".
😊😊

100% of husbands also said the same
😛😅😂


।।😀😀।।
चीन वालों,
तुम्हारा सत्यानाश हो सालों
4 आदमियों के बीच
उठने बैठने लायक,
नहीं छोडा,,
😀🤣😀


#अमीर विदेश यात्राओं से लौटकर कोरोना बाबा का प्रसाद पूरे देश मे बांट चुके हैंl

#गरीब मजदूर पैदल ही कोरोना बाबा का प्रसाद लेकर गांव की ओर रवाना हो चुका हैl

एक बेचारा #मध्यम_वर्ग ही है जो अनुशासित नागरिक की तरह घर मे #lockdown TV-मोबाइल पर ये सारा तमाशा देख रहा हैl🤒🤕🤔


जितना अधिक घर में बैठोगे,उतनी ही जल्दी दारू और बार खुल जायेंगे।
😂😂😛😛
बस,अब इससे ज्यादा मोटिवेशन मैं नहीं दे सकता ..
😉😉

पति के राशिफल में लिखा था,
"ऊँचाइयाँ छूने का योग है" 😍

सुबह से पंखे और जाले साफ कर रहे है ....
😕😒😫😥☹️


अगर लॉक डाउन लंबा चला तो

Sunday अपनी इज़्ज़त खो देगा...

😄😄😄


 *इतिहास में यह पहली बार होगा *
काम सेठ व सेठानी करेगी
*और पगार नौकरानी को मिलेगी। *

           🤣🤪🤣🤪🤣


पड़ोसन ने अभी हिम्मत दी

करोना हाथ मिलाने से फैलता है

नज़रें मिलाने से नहीं 🤔

🥴💃🏽



दुनिया में जितने वैज्ञानिक कोरोना की वैक्सीन ढूंढ रहे हैं उससे ज्यादा तो इंडिया में लोग रजनीगंधा ढूंढ रहे हैं। 😱😇😷



टॉर्च जला कर पड़ोसन की तरफ ना dekhna ..
खुद के घर में आग लग जायेगी !


पिछले 14/15 दिन से
एक बात आपको
समझ आयी होगी,

"Urgent" जैसा
कुछ होता ही नहीं..!!

   सुप्रभात🙏


WHO ने COVID19 के जारी किए

भारत के चौंकाने वाले आंकड़े पूरी दुनिया देख कर रह गई दंग😳😳😳😳😳
संक्रमित 2902
ठीक हुए   183
मृत्यु            68 और
चूतड़ों पर सूजन- 14,53,742
😂😂😂😂😂😂😂🤣😂🤣

Manisha बुधवार, 20 मई 2020

ऑनलाइन मनोरंजन में ही हिंदी सुपरहिट है


भारत में हिंदी की जो स्थिति है वो किसी से  छुपी नहीं है। भारत के रोजगार बाजार से हिंदी लगभग गायब हो चुकी है। सरकारी क्षेत्र में भी कुछ विशेष प्रकार की जैसे कि राजभाषा विभाग में अनुवादक या हिंदी अधिकारी एवं हिंदी के अध्यापक इत्यादि की ही नौकरियां ऐसी हैं जो कि हिंदी भाषा के आधार पर आप पा सकते हैं अन्यथा सब जगह अंग्रेजी का ही बोलबाला है। 

यहां तक की ऑनलाइन जगत में कमाई कर के हिंदी ब्लॉगरों के लिये डॉट कॉम लाइफ स्टाइल अभी संभव नहीं है। हिंदी के ब्लॉगरों के लिये कमाई ज्यादा है ही नहीं।

निजी क्षेत्र में तो ऐसा लगता है कि उन्हें पता ही नहीं है कि हिंदी भी कोई भाषा है। केवल अपना माल बेचने के लिये विज्ञापन में जरुर हिंदी का प्रयोग करते हैं। सभी साक्षात्कार और सूचना आदान-प्रदान के अंग्रेजी में ही होता है। 

कभी आप किसी कंपनी के कॉल सेंटर को फोन करिये, तो आप पायेंगे कि 1 नंबर पर भाषा का चयन हमेशा अंग्रेजी ही होगा, हिंदी तो 2 नंबर पर या तीसरे नंबर पर चुनने को मिलेगी। 

ऐसे समय में सिर्फ फिल्में, टीवी सीरियल, गाने और इंटरनेट आधारित ऑनलाइन मनोरंजन के साधनों पर ही हिंदी न केवल चल रही है बल्कि सुपरहिट भी है। हिंदी फिल्मों की वजह से कम से कम दुनिया के एक बड़े हिस्से में हिंदी समझ ली जाती है।  लिखने पढ़ने में तो भारत मे ही हिंदी की स्थिति खराब  है। 

आपने अक्सर हिंदी के समाचार पत्रों और हिंदी के समाचार चैनलों पर हिंदी के शब्दों की गलत वर्तनी (Spelling) को देखा होगा या फिर धड़ल्ले से हिंदी के आसान शब्दों के होते हुये भी अंग्रेजी के शब्जों का प्रयोग होते देखा होगा।

गलत हिंदी को लोग सामान्य मान कर चलते हैं। हिंदी भाषी क्षेत्र के लोगों को दोयम दर्जे के समाचार और कार्यक्रम परोसे जाते हैं। आप देखेंगे कि अंग्रेजी और हिंदी के अखबार और पत्रिकायों के स्तर  में बहुत विरोधाभास है

जब से भारत में इंटरनेट की गति बढ़ी है और वो सस्ता भी हुआ है तब से ऑनलाइन मनोरंजन के साधनों जैसे यूट्यूब (YouTube), हॉटस्टार (Hotstar), नेटफ्लिक्स (Netflix), जी-5 (ZEE 5), एमएस प्लेयर (MX Player), वूट (Voot), अमेजॉन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) इत्यादि की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। इन सब में भी हिंदी के ही कार्यक्रम सब से ज्यादा पसंद करे जाते हैं।  मनोरंजन सब को अपनी ही भाषा में चाहिये। 

अब एक रिसर्च क्षोध के अनुसार इस बारे में दिलचस्प डाटा जारी किया है। इस क्षोध के अुनसार ऑनलाइन मनोरंजन में हिंदी ही सुपरहिट है। बड़े शहरों में तो हिंदी के साथ साथ फिर भी अंग्रेजी व अन्य भाषायों के कार्यक्रम देखे जाते हैं पर दूसरो टीयर-2 व टीयर-3 एवं कस्बों में हिंदी भाषा में ही मनोर्ंजन देखा जाता है। नीचे दी गई चित्र को क्लिक कर के पढ़े और बतायें की सहमत हैं या नहीं।

Hindi Top Language on OTT Platform ऑनलाइन मनोरंजन में ही हिंदी सुपरहिट है

Manisha मंगलवार, 5 मई 2020

आयकर विभाग ने भेजा आयकर विवरणी भरने का आग्रह 


आज सुबह जब अपनी ई-मेल खोली तो सुखद आश्चर्य हुआ ये देख कर कि भारत के आयकर विभाग ने सभी आयकर दाताओं से इस आग्रह की ई-मेल भेजी है कि हम सब आयकर दाता 31 दिसम्बर 2020 से पहले वित्तीय वर्ष 2019-20  आयकर विवरण (Income Tax Return) भर दें।

वैसे, आम तौर पर आयकर विवरण भरने की अन्तिम तिथि हर वर्ष की 31 जुलाई रहती है, पर इस वर्ष कोरोना महामारी की वजह से यह पहले 30 नवम्बर 2020 तक बढ़ाई गई थी जोकि बाद में सरकार ने लोगों की सुविधा के लिये 31 दिसम्बर 2020 तक बढ़ा दी है।

भारत का आयकर विभाग अब अग्र सक्रिय (Pro Active) हो गया है।

31 दिसम्बर 2020

Manisha मंगलवार, 23 जुलाई 2019

चुनाव मतगणना के बाद की बहानेबाजी


हर लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद मतगणना होनी है और जाहिर सी बात है कि कोई न कोई राजनैतिक पार्टी जीतेगी और किसी पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ेगा। चुनावों के नतीजों के बाद उनका राजनीतिज्ञ, राजनैतिक पार्टियां, विश्लेषक व जनता अपने अपने हिसाब से व्याख्या करेंगे। 

ऐसे में मतगणना के बाद प्राप्त परिणामों पर जब पक्के राजनीतिबाजों से जब इनकी व्याख्या करने को कहा जाता है कई तरह की बातें ये लोग कहते हैं। देखिये कैसी-कैसी बाते करते हैं :

Manisha शुक्रवार, 15 मार्च 2019

भारत में बढ़ रहा है जंगल

ऐसे समय जब भारत में पर्यावरण को लेकर चिंताये जताई जा रही हैं, प्रदूषण से भारत के तमाम शहरों खास कर दिल्ली  इत्यादी में बुरा हाल है,  सरकार से लेकर आदालतों तक प्रदूषण कम करने के अनेक उपाय किये जा रहें हैं  तब एक ऐसी खबर आई है जो कि एक सुखद ठंडी हवा का झोंका लेकर आयी है और वो ये है कि भारत में वन क्षेत्र बढ़ रहा है।


समाचार के अनुसार नासा ने अंतरिक्ष से फोटो खींचकर जो अध्ययन किया उसके अनुसार भारत में  पहले से ज्यादा वन क्षेत्र हैं और भारत तथा चीन दो देश मिलकर दुनिया में वन क्षेत्र बढ़ाने में अग्रणी भुमिका  अदा कर रहे हैं और 20 साल पहले  की तुलना में दुनिया ज्यादा रही भरी हुई है।  


India Forest Increasing



Manisha रविवार, 17 फ़रवरी 2019

आरक्षण अभी और कई तरीकों से लागू होगा


जिस तरह से सरकार अपने खर्चे कम न करके जनता पर और बोझा डालने के लिये नये नये कर (टैक्स) लगाने के तरीके ढूंढ़ती रहता है उसी तरह से राजनैतिक पार्टियां और नेता लोग अपना वोट बैंक बनाने के लिये नये नये वर्गों को आरक्षण का रास्ता दिखाते रहते हैं। और इसी क्रम में संविधान में वर्णित आरक्षण को और कई तरीकों से लागू करने के तरीके ढूंढ कर लोगो को लुभाते रहते हैं। 

देश में जरुरत अच्छी काम करने वाली सरकारों की है क्यों कि अगर सरकारें अच्छा काम करें तो सभी वर्गों का भला होगा और कोई भी ये नहीं कहेगा कि मुझे मौका नहीं मिला। लेकिन अपनी नाकामियों को छिपाने और नये नये वोट बैंक बनाने के चक्कर में राजनैतिक दल आरक्षण के नये नये जुमले उछालते रहते हैं ताकि लोगों को ये लगे कि राजनैतिक दल उनका कितना भला चाहते हैं। 

ये दल गरीब, मुस्लिम, पिछड़े, एससी-एसटी, युवा कई तरह के आरक्षण की मांग करते रहते हैं लेकिन अपनी बनाई हुई सरकारों द्वारा कुछ भी ऐसा नहीं करते हैं जिससे की आरक्षण की नौबत ही न आये। 

मुझे महिला आरक्षण के पास होने की तो खुशी है लेकिन मुझे आने वाले समय की तस्वीर दिख रही है कि अभी आरक्षण की ये बात बहुत आगे तक जायेगी। देखिये कैसे अभी आरक्षण होगा -

  • महिलाओं के लिये लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण के बाद राज्यसभा में भी आरक्षण की मांग तो अभी से उठने लगी है।
  • महिलाओं के लिये लोकसभा और राज्यों की विधानसभायों में 33 प्रतिशत आरक्षण में से भी पिछड़े, दलित और मुस्लिमों को आरक्षण की मांग कई दल कर रहे हैं।
  • इसके बाद शिक्षा में महिलाओं के लिये आरक्षण की मांग उठेगी।
  • इसके बाद सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिये आरक्षण की मांग उठेगी।
  • मुस्लिमों के लिये रंगनाथ मिश्र आयोग ने आरक्षण देने की बात कही है और इस पर भाजपा को छोड़कर सभी दल तैयार हैं। देश की राजनीति को देखते हुये ये मांग सबसे पहले पूरी होगी।
  • अनूसुचित जति और जनजाति के आरक्षण में परिवर्तित मुस्लिमों और ईसाइयों को आरक्षण देने की मांग पिछले कुछ समय से हो रही है।
  • समय समय पर न्याय पालिका में आरक्षण देने की वकालत की जा रही है।
  • निजी संस्थानों (प्राइवोट सेक्टर) में आरक्षण के लिये काफी समय से प्रयास किये जा रहे हैं और सरकार इसके लिये प्रयत्नशील है।
  • हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट नें पंचायतों में युवा के नाम पर एक नये प्रकार का आरक्षण देने पर रोक लगाई है।
 
यानी सब प्रकार के आरक्षण के बाद युवा के लिये आरक्षण, बुजुर्गों के लिये आरक्षण इत्यादि की मांग उठाई जायेगी और अपने आप को इनका हितैषी बताया जायेगा।

आरक्षण  Reservation



आरक्षण से सभी लोग प्रभावित होते हैं। लेकिन जिस वर्ग को मिल जाता है वो आरक्षण के पक्ष में बाते करने
लगता है और इसको अपना हक बताने लगता है भले ही ये माना जाता हो कि आरक्षण कुछ समय के लिये देना है। 

दरअसल वास्तविकता में आरक्षण असली जरुरतमंद को नहीं मिल रहा है, इसका फायदा  वही लोग उठा रहे हैं जो कि पहले से ही आगे हैं। 

वास्तव में भारत में दो ही वर्ग हैं संपन्न एवम गरीब और पिछड़े, जिसमें संपन्न वर्ग गरीबों-पिछड़ों को आगे लाने के नाम पर अपने लोगों को फायदा पहूंचा रहे हैं। 

सोचने वाली बात है कि अगर देश में सरकारें अपना काम अच्छे से करें तो ये बात ही क्यों आये कि कुछ वर्ग पिछड़ गये हैं।


संपादन - 1


जैसी कि ऊपर आशंका व्यक्त की गई थी, हाल ही में कई प्रकार का आरक्षण लागू हुआ है और कई अन्य प्रकार के आरक्षण के लिये या तो लोग संघर्षरत हैं या फिर सरकारें ही प्रयास कर रहीं हैं। 

महाराष्ट्र में मराठों से लिये 18 प्रतिशत का आरक्षण सरकारी नौकरियों में किया गया है। भारत सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में बकायदा भारतीय संविधान में संशोधन करके सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में 10 प्रतिशत का आरक्षण आर्थिक तौर से कमजोर (Economically Weaker Section - EWS) वर्गों को दिया गया है। 

राजस्थान में गूर्जर जाति के लोगों के लिये 5 प्रतिशत का आरक्षण सरकारी नौकरियों में दिया जा रहा है।

New Reservation नया आरक्षण

आप देखते जाइये किसी न किसी प्रकार से पूरा 100 प्रतिशत किसी न किसी को आरक्षण दिया जायेगा। कुछ हिस्सा सब को मिलेगा  इसलिये कोई विरोध नहीं करेगा।

Manisha गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019

हिंदी आबू धाबी कोर्ट मे तीसरी भाषा बनी


सभी हिंदी प्रेमियों के लिये ये गर्व की बात है कि हमारी प्यारी हिंदी भाषा अब आबू धाबी के कोर्ट में तीसरी आधिकारिक भाषा बन गई है। वहां पर बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं जो कि लगभग 30 प्रतिशत के आसपास है।

Hindi Third Abu Dhabhi Court  Language


Manisha सोमवार, 11 फ़रवरी 2019

काला धन आय घोषणा योजना 2016 और नकद रकम  की समस्या


भारत सरकान ने देश में काला धन समाप्त करने के अपने प्रयासों के तहत आय घोषणा योजना 2016  आरम्भ की है जिसकी आखिरी तारीख 30 सितम्बर 2016 है।  इस घोषणा में अगर कोई व्यक्ति यदि अपनी किसी आय जिसके उपर उसने टैक्स नहीं दिया था जिसकी वजह से वो काला धन की श्रेणी में माना जायेगा। 

सरकार बार बार कह रही है कि इसकी अंतिम तिथि आगे नहीं बढ़ायी जायेगी  और लोगों को इसका फायदा उठा कर अपने काले धन को सफेद धन में परिवर्तित कर लेना चाहिये। 30 सितम्बर के बाद सरकार सख्त कार्यवाही करेगी जिसके लिये लोग खुद जिम्मेदार होंगे।

काला धन आय घोषणा योजना 2016

इस आय घोषणा योजना 2016  की घोषणा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल 2016 के आम बजट में की थी। इस खिड़की के तहत घोषित काले धन पर टैक्स, पेनाल्टी और सेस के रूप में 45 फीसद रकम चुकाकर लोग बेदाग बाहर आ सकते हैं। 

केंद्रीय प्रत्यक्ष बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर अफसरों को काला धन रखने वालों को इस स्कीम के तहत आकर्षित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया है। 

साथ ही कहा है कि अपनी घरेलू काली कमाई उजागर करने वालों को आश्वस्त किया जाए कि उनकी गोपनीयता बरकरार रखी जाएगी। 


ये सब योजना  तो ठीक है  लेकिन सरकार को ये भी देखना चाहिये कि काला धन क्यों  पैदा होता है?

काले धन का एक  प्रकार तो अपराध से कमाया गया पैसा है जिसके बारे में तो सरकार सख्त कार्यवाही करनी ही चाहिये। लेकिन जो अपनी आय छुपा कर कर बचाते हैं वो वास्तविक रुप से ही काला धन कहलाता है, काले धन से आशय भी यही होता है कि कर बचा कर पैसा रखना।

काला धन पैदा होने का कारण


तो काला धन पैदा होने का कारण एक तो ये है कि टैक्स की दरें भारत में बहुत ज्यादा है और नये नये प्रकार के टैक्स लगाने के तरीके ढूंढ़े जा रहे हैं। 

इससे परेशान होकर जो लोग आय छुपा सकते हैं वो काफी हद तक छुपा कर टैक्स देने से बचते हैं। सरकार ज्यादा कमाने वालों पर ज्यादा टैक्स तो लगा देती है पर इस ज्यादा कमाने के लिये जो उसने अपने जीवन में मेंहनत की होती है उसका  कोई ध्यान नहीं रखा जाता है। 

निकम्मे और अकर्मण्य लोगोें को सरकार राहत देती है और मेहनत करने वालोें पर टैक्स लगाया जाता है।  इसके अलावा जो टैक्स दे रहा है उसी को और दूहने को सरकारें और प्रयत्न करती रहती हैं। 

तरह तरह के नोटिस टैक्स देने वालों को ही दिये जाते हैं और जो नहीं देते उनको कोई नोटिस नहीं देता, इस कारण भी लोग कहते हैं कि कर न देना ही अच्छा है।  अत: सरकार को अगर टैक्स का पालन कराना है तो टैक्स दर कम होना चाहिये और  टैक्स प्रशासन आसान होना चाहिये।


नकद रकम का फायदा 


अब मैं बताती हूं कि नकद रकम लोग क्यों रखना चाहते हैं। हमारा अनुभव ऐसा है कि बैंक में रखे पैसे या चेक, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के प्रयोग के मुकाबले जो लोग नकद रकम खर्च करते हैं वो फायदे में रहते हैं।  

हमारे अनुभव तो इसी ओर इशारा करते हैं -

  • अगर आप किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रानिक सामान को डेबिट या क्रेडिट कार्ड से खरीदने जायें को आप पर 2 प्रतिशत का बैंकिंग अधिभार लगा दिया जाता है, नकद  में कोई समस्या नहीं है।
  • अधिकांश बैंकों नें आपके डेबिट कार्ड के खर्च की प्रति दिन की सीमा 50 हजार और नकद निकालने की सीमा 25 हजार से 35 हजार रुपये तक निश्चित की हुई है, यानी की आप अपने पैसे को अपने हिसाब से खर्च भी नहीं कर सकते, नकद कितना भी खर्च करिये।
  • इस सीमा की वजह से बड़ी खरीद में आप न चाह कर भी नकद रकम निकाल कर खर्च करते हैं जिसका फायदा उठा कर दुकानदार उस को आय में न दिखा कर काले धन में बदल देते हैं।
  • इसी सीमा की वजह से हम को कई बार दो-तीन दिनों तक रोजाना रूपये निकाल कर ही कोई बड़ी रकम का समान खरीदा।
  • मान लीजिये आपको 1 लाख रूपये का टीवी और होम थियेटर या कोई लैपटॉप खरीदना है और आपके बैंक में पर्याप्त रकम भी है और चाहते हैं कि जब भी आप इलेक्ट्रानिक की दुकान में जाकर सामान खरीदें तो नकद न ले जाना पड़े तो आपके पास कोई उपाय नहीं है, अगर बैंक चैक देंगे तो जब उसके द्वारा जब रकम दुकानदार के खाते में चली जायेगी तब वो आप सामान ले पायेंग यानी की दो-तीन दिन के बाद, अगर दूसरे शहर में हुये तो कोई विकल्प ही नहीं है चेक पेमेंट में कई दिन लगते हैं। अब डेबिट कार्ड के द्वारा आप पेमेंट कर नहीं सकते क्योंकि उसकी सीमा 25 या 35 हजार ही होगी। बचा क्रेडिट कार्ड,  अगर इसकी भी सीमा अगर 1 लाख के उपर हुई तब ही आप पेमेंट कर पायेंगे। इसके अलावा 2 प्रतिशत का बैंक प्रतिभार अलग। यानी कि  आप को हार झक मारकर नकद पैसा ले  जाना ही उचित लगेगा। समझ में नहीं आता कि हमारे ही पैसे पर कई सीमा बैंक द्वारा क्यों लगाई गई है।
  • कई बार हमें शहर के बड़े हस्पताल में अपने घर के या आस पडोस के किसी मिलने वाले को इलाज के लिये भर्ती कराना पड़ा जहां पर अस्पताल द्वारा पहले रकम जमा कराने को कहा गया जो कि लाखों में थी। अब आप सोच सकते हैं कि अगर आपके बैंक में रकम जमा भी हो तो भी आप केवल नकद द्वारा ही जमा करा सकते हैं यानी कि काला धन वालों को फायदा और सफेद धन वालों को नुकसान।
  • एक अन्य कम आय वाले रिश्तेदार के बच्चों की शादी में हम लोग कुछ मदद करना चाहते तो हम लोगों ने टेंट और खाने के खर्चे को अपने उपर ले लिया जो कि लाखों में था। जब हमने पेमेंट के लिये बोला तो उसने कहा कि आपको नकद देना होगा, अगर डेबिट कार्ड व क्रेडिट कार्ड से दोगे तो सर्विस टैक्स देना होगा। यानी कि  हमें नकद रकम देने में ही फायदा था, सर्विस टैक्स की रकम में तो हमें दूल्हा-दुल्हन कोई  अन्य उपहार दे सकते थे। इन ही सब कारणों से लोग टैक्स चोरी करते हैं। 

इसी तरह के रोजाना की जिन्दगी में कई उदाहरण हैं जिसकी वजह से लोग नकद रकम की ओर खिंचते हैं। सरकार को इस बारें में सोचने की जरुरत है।  काला धन तब तक नहीं रुक सकता जब तक सफेद धन को रखनें में फायदे ज्यादा हों। अभी तो काले धन वालों को ही फायदा हैं।  सरकार और समाज को समझने की जरुरत कि काला धन क्यों पैदा हो रहा है।

Manisha रविवार, 25 सितंबर 2016

ये डिजिटल इंडिया क्या है?


केन्द्र सरकार  ने 2015 में आम आदमी के 'डिजिटल सशक्तिकरण' के  जरिये देश भर में 'सुशासन अभियान' को तीव्र गति देने के लिये  महत्वकांक्षी  'डिजिटल इंडिया' की शुरूआत की है', जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इस योजना  से देश की तस्वीर बदल सकती है, आम आदमी की जिंदगी बेहतर और आसान हो सकती है। इस योजना को 'डिजिटल रूप से सशक्त भारत' की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


डिजिटल इंडिया Digital India



डिजिटल इंडिया योजना इस तरह से डिज़ाइन की गई है कि इसके क्रियान्वन से देश की तस्वीर बदल सकती है यानि यह योजना 'गेम चेंजर' होगी। इस के तहत पोस्ट ऑफिसों को कॉमन डिजिटल सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जायेगा और छोटे शहरों में भी बीपीओ खोले जाएंगे।

मोदी सरकार चाहती है कि देश के हर नागरिक के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बने। शासन, सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराना सरकार का मकसद है। भारतीयों के डिजिटल सशक्तीकरण के प्रयासों स्वरूप इस योजना का लक्ष्य इस क्षेत्र के बारे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इससे जोड़ना है। 


इसका एक लक्ष्य कागजी कार्रवाई को कम-से-कम करके सभी सरकारी सेवाओं को आम जनता तक डिजिटली यानी इलेक्ट्रॉनिकली रूप से सीधे व सुगम तरीके से पहुचाना है।

डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत सरकार चाहती है कि तमाम सरकारी विभाग और देश की जनता एक-दूसरे से डिजिटल अथवा इलेक्ट्रॉनिक रूप से जुड़ जाएं ताकि वे सभी तरह की सरकारी सेवाओं से लाभ उठा सकें और देश भर में सुशासन सुनिश्चि‍त किया जा सके। 

चाहे किसी गांव में रहने वाला व्यक्ति हो शहर में रहने वाला, दोनों को ही सभी सरकारी सेवाएं समान रूप से डिजिटली अथवा ऑनलाइन हासिल हों, यही डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य है। 

इस अहम सरकारी योजना को अमली जामा पहनाने के बाद आम जनता के लिए यह संभव हो जाएगा कि किस सरकारी सेवा को पाने के लिए उसे किस तरह एवं कहां ऑनलाइन आवेदन करना है और उससे किस तरह लाभान्वि‍त हुआ जा सकता है।   

दरअसल किसी भी सरकारी सेवा के डिजिटली उपलब्ध होने पर  आम आदमी के लिये उससे लाभान्वि‍त हो्ने के लिये सीधा रास्ता खुल जायेगा। जाहिर है, ऐसे में सरकारी सेवाओं के मामले में होने वाली लेट लतीफी और भ्रष्टाचार पर कारगर ढंग से लगाम लग सकेगी।

केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया अभि‍यान का शुभारंभ पिछले वर्ष 21 अगस्त को किया गया और इसका मुख्य उद्देश्य भारत को डिजिटली रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में तब्दील करना है। केंद्र सरकार की योजना यह है कि इस कार्यक्रम को अगले पांच सालों में पूरा कर लिया जाए। 

यह उम्मीद की जा रही है कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम वर्ष 2019 तक गांवों समेत देश भर में पूरी तरह से लागू हो जाएगा। दरअसल, इस कार्यक्रम के तहत सभी गांवों और ग्रामीण इलाकों को भी इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत इंटरनेट को गांव-गांव पहुंचाया जाएगा।

इस कार्यक्रम के तीन प्रमुख अवयव हैं- बुनियादी डिजिटल सुविधाएं, डिजिटल साक्षरता और सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी। इस कार्यक्रम के तहत परियोजनाओं से देश को ड़िजिटल आधारित सशक्त  सूचना अर्थव्यवस्था के रूप मे बदजाने का लक्ष्य है।

आम जनता को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना सरकार का मकसद है, ताकि लोगों को अत्याधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का लाभ मिल सके। इसके लिए आईटी, टेलीकॉम एवं डाक विभाग जोर-शोर से कार्यरत हैं। मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सरकार अगले तीन वर्षों में 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ेगी।

एक डिजिटल लॉकर सेवा का शुभारंभ किया गया है। इस बार 2016 का सीबीएसई के 12वीं के परिणामों को घोषित करते समय ही छात्रों के प्रमाण पत्रों को डिजिटल लॉकर में रखा गया है। 

डिजिटल लॉकर के  तहत लोग अपने प्रमाण पत्रों एवं अन्य दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रख सकेंगे। इसमें आधार कार्ड नंबर व मोबाइल फोन के जरिये पंजीकरण कराना होगा। डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रखे जाने वाले प्रपत्रों को सरकारी एजेंसियों के लिए भी हासिल करना आसान होगा।

किसी व्यक्ति के विभि‍न्न दस्तावेज अगर डिजिटल लॉकर में हैं, तो उसे सरकारी योजनाओं के लिए इनकी फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं होगी। जाहिर है, ऐसे में लोगों को काफी सहूलियत होगी।

इतना ही नहीं, इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीओ खोलने की योजना का भी शुभारंभ हो गया है। दरअसल, सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कॉल सेंटरों की स्थापना करना चाहती है। इन क्षेत्रों में बीपीओ खोलने वालों को सरकार सब्सिडी देगी। 

इसके साथ ही ऐसी उम्मीद है कि डिजिटल इंडिया वीक के दौरान सरकार डिजिटल इंडिया के ब्रांड ऐंबैसडरों की भी घोषणा करेगी। भारत सरकार अनेक एप्लीकेशंस एवं पोर्टल विकसित करने के लिए भी ठोस कदम उठा रही है जो नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। 

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को मिलने वाली कामयाबी भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बैंकिंग आदि क्षेत्रों से संबंधित सेवाओं की डिलीवरी में आईटी के इस्तेमाल में अग्रणी बनाएगी।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के नौ प्रमुख उद्देश्य हैं जिनका ब्योरा इस प्रकार है : -
  • ब्रॉडबैंड हाईवेज :  इनके जरिए एक तय समय सीमा में बड़ी संख्या में सूचनाओं को प्रेषित किया जा सकता है।
  • सभी को मोबाइल कनेक्टिविटी सुलभ कराना :  शहरी इलाकों में भले ही मोबाइल फोन पूरी तरह से सुलभ हो गया हो, लेकिन देश के अनेक ग्रामीण इलाकों में अभी इस सुविधा का जाल वैसा नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के इस्तेमाल में आसानी होगी।
  • पब्लिक इंटरनेट एक्सेस प्रोग्राम :  इस कार्यक्रम के तहत पोस्ट ऑफिस को मल्टी-सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। नागरिकों को विभि‍न्न सरकारी सेवाएं मुहैया कराने के लिए वहां अनेक तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया जायेगा।
  • ई-गवर्नेंस - प्रौद्योगिकी के जरिये शासन में सुधार : इसके तहत विभिन्न विभागों के बीच सहयोग और आवेदनों को ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। इसके अलावा स्कूल प्रमाण पत्रों, वोटर आईडी कार्ड्स आदि की जहां भी जरूरत पड़े, वहां उसका ऑनलाइन इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • ई-क्रांति - सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी : ई-एजुकेशन के तहत सभी स्कूलों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने, सभी स्कूलों (ढाई लाख) में वाई-फाई की नि:शुल्क सुविधा मुहैया कराने और डिजिटल साक्षरता सुनि‍श्चि‍त करने की योजना है। किसानों को वास्तविक समय में मूल्य संबंधी सूचना, मोबाइल बैंकिंग आदि की ऑनलाइन सेवा प्रदान करना भी इनमें शामिल है। इसी तरह स्वास्थ्य क्षेत्र में ऑनलाइन मेडिकल परामर्श, रिकॉर्ड और संबंधित दवाओं की आपूर्ति समेत लोगों को ई-हेल्थकेयर की सुविधा देना भी इनमें शामिल है।
  • सभी के लिए सूचना : इस कार्यक्रम के तहत सूचनाओं और दस्तावेजों तक ऑनलाइन पहुंच कायम की जायेगी। इसके लिए ओपन डाटा प्लेटफॉर्म मुहैया कराया जाएगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में आत्मनिर्भरता : इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े तमाम उत्पादों का निर्माण देश में ही किया जाएगा। इसके तहत ‘नेट जीरो इंपोर्ट्स’ का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वर्ष 2020 तक इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में देश आत्मनिर्भरता हासिल कर सके।
  • रोजगार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी :  कौशल विकास के मौजूदा कार्यक्रम को इस प्रौद्योगिकी से जोड़ा जाएगा। गांवों व छोटे शहरों में लोगों को आईटी से जुड़ी नौकरियों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
  • अर्ली हार्वेस्ट प्रोग्राम्स : डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को लागू करने के लिए पहले कुछ बुनियादी ढांचागत सुविधाएं स्थापित करनी होंगी।
यह साफ जाहिर है कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को सुशासन  सुलभ कराना और उनकी जिंदगी बेहतर और आसान बनाना है। इस के जरिये ग्राम पंचायतों, स्कूलों विश्वविद्यालयों  में वाय-फाय सुविधाओं से लेकर शहरो यानि सभी जगह आम आदमी डिजिटल रूप् से सशक्त किये जाने का लक्ष्य है, जिससे उसकी जिंदगी आसान हो सकेगी साथ ही इससे आई टी, दूर संचार तथा इलेक्ट्रोनिक्स आदि अनेक क्षेत्रों में बड़ी तादाद में लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

लेकिन सरकार को  ये भी देखना चाहिये कि ये सब अपने निर्धारित समय में ही पूरा हो, अन्यथा ये भी सरकार की एक घोषणा बन कर रह जायेगी। 

दूसरी बात ये है कि डिजिटल इंडिया का नाम ही अंग्रेजी में है तो कहीं ऐसा न हो कि भारतीय भाषायें खास कर हिंदी को कोई पूछे ही नहीं और अंग्रेजी को ही बढ़ावा मिलता रहे। वैसे भी भारतीय भाषाओं को तकनीकी रूप से पिछड़ा रखा गया है। 

सरकार सुनिश्चित करे कि सारे कार्यक्रम में हिंदी की सहभागिता बराबर रहे। और ये नाम डिजिटल इंडिया खुद ही सही नहीं है. इस कार्यक्रम का कोई अच्छा सा हिंदी नाम रखना चाहिये था।

डिजिटल इंडिया के बारे मे और जानने के लिये इसकी वेबसाइट पर जायें।

Manisha बुधवार, 15 जून 2016

अपने बैंक से परेशान होने पर बैंकिंग लोकपाल योजना में शिकायत कीजिये


बैंकिंग  लोकपाल योजना
आम तौर पर हम भारतीयों की सरकार और सरकारी संस्थाओं से कोई खास उम्मीद नहीं होती है। 

इसी लिये सरकारी क्षेत्र के बैंकों में आम भारतीय अपना खाता खोल ले ये ही बड़ी बात होती थी और है, बाकि अच्छी सेवा उसे मिले और उसके भी कुछ अधिकार हैं, इसके बारे में कोई उम्मीद कोई नहीं रखता था।  

पिछली सदी के 90 के दशक के आरम्भ में भारतीय बैंको को प्रतियोगित्मक बनाया गया और भरत में कई विदेशी और निजी बैंकों ने अपनी सेवा  आरम्भ की। इन बैंकों ने अपनी विभिन्न नई प्रकार की सेवाओं और उत्पादों से ग्राहकों को तेजी से अपनी ओर खींचा।  

सरकारी क्षेत्र के बैंक अभी भी नहीं चेते और उनकी सेवाओं की हालत अभी भी खस्ता ही है, पर कुछ सुधार शुरू हुआ है।

ऐसे में ग्राहकों को बैंको द्वारा अच्छी सेवा न दी जाने की स्थिति में कोई शिकायत होने पर ग्राहक कहां जाये? क्या करे?   ये एक बड़ा सवाल था।   

बैक ग्राहकों को शिकायत  के लिये एक मंच देने के लिये भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग  लोकपाल योजना लागू की है। 

इस योजना मे अगर आपको अपने बैंक में बैंकिंग  लेन-देन और कारोबार के बारे  में कोई शिकायत है या आप बैंकिंग सेवाओं में कोई कमी महसूस करते हैं, जैसे कि
  • लिखित आश्वासनो को पूरा न करना
  • वित्तीय उत्पादों/सेवाओं के विक्रय के समय बैंक द्वारा प्रमुख शर्तों को उजागर न करना
  • बैंकिंग सेवाओं और अन्य वित्तीय उत्पादों से संबंधित प्रभारों और शर्तों को स्पष्ट रुप से न बताना
  • भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों का पालन ल करना
  • ग्राहकों के प्रति बैं की प्रतिबद्धता संबंधी संहिता, जैसे कि भारतीय बैंकिंग संहिता और मानक बोर्ड द्वारा जारी की गई है, का पालन न करना
तो कृपया अपनी शिकायत के निवारण के लिये पहले अपनें बैंक से सम्पर्क करें, यदि एक महीने में आपकी शिकायत का निवारण नहीं होता या आप बैंक से प्राप्त जवाब से संतुष्ट नहीं हैं तो आप अपने बैंक के लिये भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त किये गये बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते हैं। वे आपकी शिकायत के निवारण में सहायता करेंगे।  


बैंकिंग लोकपाल को  आप डाक/फैक्स द्वारा लिखित शिकायत करें। बैंकिंग लोकपाल को शिकायत करने में कुछ भी खर्चा नहीं करना पड़ता है।

ध्यान रहे कि बैंकिंग लोकपाल को शिकायत करते समय अपनी शिकायत से संबंधित ये बातें अवश्य बतायें - 

  1. नाम, पता, मोबाइल ऩंबर और ईमेल आईडी
  2. जिस बैंक के बारे में शिकायत है उसकी शाखा /  कार्यालय का नाम और पता
  3. पूरी शिकायत का विवरण
  4. इसके कारण हुये नुकसान का स्वरूप और इसकी मात्रा।

बैंकिंग लोकपाल के बारे में और जानने के लिये http://www.bankingombudsman.rbi.org.in पर अंग्रेजी  में जानकारी के लिये और https://www.rbi.org.in/commonman/Hindi/scripts/againstbank.aspx पर हिंदी में जानकारी के लिये जायें और अगर किसी बैक से कोई शिकायत हो तो इस पर जा कर अपनी शिकायत इलेक्ट्रानिक रुप से दर्ज कर सकते हैं।

Manisha सोमवार, 9 मई 2016

टैक्स हैवेन बनाम टैक्स नर्क देश


हाल के दिनों में दुनिया के कई समाचार पत्रों द्वारा खोज कर निकाले गये रहस्योदघाटन के द्वारा पनामा में दुनिया के
टैक्स हैवेन बनाम टैक्स नर्क देश
कई लोगों द्वारा खोली गई और खरीदी गई कंपनियों के नामों के उजागर होने के बाद से एक शब्द 'टैक्स हैवेन (Tax Heaven) यानी की कर का स्वर्ग (ऐसा देश जहां कर कम है या बिलकुल नहीं लगता)' का बहुत प्रयोग होने लगा है। 

हालांकि अब इस शब्द के इस्तेमाल पर कई देशों की आपत्तियों को देखते हुये भारत सरकार अब अधिकारिक रुप से इस शब्द का इस्तेमाल नहीं करेगी। 


तो ऐसा क्यों है कि दुनिया के कई देशों को हम टैक्स हैवेन कहते है? आखिर हम क्यों नहीं करों को कम कर सकते। हमारे देश को अगर देखा जाये तो इसे टैक्स नर्क कह सकते हैं। जब टैक्स हैवेन (टैक्स स्वर्ग) है तो टैक्स नर्क (टैक्स हैल) क्यों नहीं हो सकता?

हमारे यहां इतनी तरह के टैक्स लगे हुये हैं कि इमानदारी से कमाने वाला व्यक्ति कर चुकानें में ही अपनी अधिकांश आय गंवा देता हैं। अपने देश को अगर सरकार टैक्स हैवेन नहीं बना सकती तो कम से कम टैक्स नरक तो न बनाये।

Manisha सोमवार, 18 अप्रैल 2016

भारत की सबसे तेज रेल गतिमान एक्सप्रेस 5 अप्रैल 2016 से शुरू


हाल के दिनों में भारतीय रेल से संचालन में कई नई बातें हुई हैं जैसे कि रेलो को समय पर चलाने का प्रयास, रेल में
गतिमान एक्सप्रेस का आरम्भ
खाने के लिये ऑनलाईन बुकिंग करना, चलती गाड़ी से ट्विटर द्वारा लोगों की शिकायतों व अनुरोधों को सुनना व उनका समाधान निकालना और भारत में बुलेट ट्रेन के संचालन के लिये प्रयास करना जिसकी अधिकतम गति 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

इसी कड़ी में अब  रेलवे ंमंत्रालय ने भारत में सवारी गाड़ियों की गति को तेज करने का प्रयास शुरु किया है। 

5 अप्रैल 2016 से भारत की सबसे तेज रेल गाड़ी 'गतिमान एक्सप्रैस'  दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से ताजमहल के लिये प्रसिद्ध आगरा के आगरा कैन्ट स्टेशन के बीच चलाई जा रही है।  

इसकी गति प्रारम्भ में 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।  1 घंटा 40 मिनट यानी केवल 100 मिनट में यह ट्रेन आपको दिल्ली से आगरा पहुंचा देगी। 

दिल्ली से आगरा होकर भोपाल जाने वाली 'शताब्दी एक्सप्रेस' से  यह गाड़ी 17 मिनट शीघ्र (जल्दी) आगरा पहुंचेगी।  गतिमान एक्सप्रेस दिल्ली के हजरत निजामु्द्दीन स्टेशन से रोजाना सुबह 8.10 बजे चलेगी और आगरा कैन्ट स्टेशन से शाम 5.50 बजे चलेगी।  

रास्ते में इसका कोई ठहराव नहीं होगा। शुक्रवार को छोड़कर यह सप्ताह में छह दिन चलेगी।

हवाई यात्रा की तरह इस ट्रेन में परिचारिका (होस्टेस) की तैनाती होगी, जो यात्रियो को गुलाब देकर स्वागत करेंगी। देश में पहली बार किसी ट्रेन में ट्रेन होस्टेस सुविधा मिलेगी।

इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए शताब्दी एक्सप्रेस से 25 फीसद ज्यादा किराया चुकाना होगा। हजरत निजामुद्दीन से आगरा तक चेयरकार का किराया 690 रुपये तथा एग्जिक्यूविट क्लास का 1365 रुपये देना होगा, जबकि भोपाल शताब्दी का किराया 540 और 1040 रु. है। 

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम ने भी विशेष पैकेज तैयार किया है। इसमें यात्री को ट्रेन में सफर के साथ ही आगरा में वातानुकूलित वाहन में घूमने और पांच सितारा होटल में रुकने की सुविधा मिलेगी। ट्रेन में आठ चेयरकार और दो एक्जिक्यूटिव क्लास के कोच हैं, जिसमें कुल 715 यात्री यात्र कर सकेंगे। 5400 हॉर्स पावर का इलेक्टिक इंजन लगेगा।

 उम्मीद की जाने चाहिये कि भारत का रेलवे अपना प्रबंधन ऐसे ही ठीक करता हुआ एक दिन दुनिया में अपना नाम करेगा।

Manisha रविवार, 3 अप्रैल 2016

समाचार माध्यमों को लगता है कि दिल्ली ही भारत है


कल दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में पहली बार मुसलाधार बारिश हुई जिसकी वजह से दिल्ली में अधिकांश जगह पानी भर गया और इसके कारण लोग बाग सड़कों पर जाम में फंस गये और घंटो बाद अपने घरों और गंतव्यों की ओर पहुंच पाये। 

News Media Delhi is India

हिंदी के अधिकांश टीवी समाचार चैनलों ने इसके ऊपर कार्यक्रम दिखाने शुरू करके सरकार को जमकर लताड़ लगाई। 

ये सब तो ठीक है और जिम्मेदार मीडिया को ऐसा ही करना चाहिये लेकिन क्या सिर्फ दिल्ली तक ही इस तरह की जागरुकता को सीमित रहना चाहिये? 

दरअसल, भारत के अधिकांश हिस्सों का हाल बारिश के दिनों में ऐसा ही हो जाता है बल्कि इस से भी बुरा हो जाता है, पर वहां के बारे में शायद ही कभी दिखाया या बताया जाता है। 

क्या भारत के अधिकांश शहरों में बारिश में पानी नहीं भरता है? क्या भारत के अधिकांश शहर बारिश में नारकीय दृश्य नहीं दिखाते हैं? तो फिर उनकी खोज खबर कौन लेगा? 

क्या माडिया के लिये शेष भारत कहीं है ही नही या फिर दिल्ली ही इन के लिये भारत है?

दिलचस्प बात ये है कि अधिकांश पत्रकार बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड या अन्य राज्यों के हैं जहां पर बिजली, सड़क, पानी की हालत खराब ही है। बारिश में वहां की हालत बहुत ही खराब जैसी स्थिति रहती है लेकिन ये लोग कभी इन राज्यों की चर्चा भी नहीं करते हैं। 

पर दिल्ली में अगर आधे घंटे बिजली जाने पर विशेष कार्यक्रम दिखाते हैं, लेख लिखते हैं, बारिश के दिनों में जाम लगने पर संपादकीय लिखते हैं, 26 जनवरी की परेड़ के कारण लगने वाले जाम की चर्चा करते हैं लेकिन शेष भारत की किसी समस्या के बारें बहुत ही कम बात करते हैं। 

क्या आपने अपने शहर की समस्या के बारे में मीडियी में कोई प्रोग्राम देखा?

Manisha रविवार, 7 फ़रवरी 2016

लूट के लिये बड़े आयोजन


राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर जो भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं उस बीच भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक [कैग] की रपट भ्रष्टाचार को प्रमाणित करती प्रतीत होती है। 

Big Events for Lootखुशी की बात है कि सर्वोच्च न्यायालय इस केस को देख रहा है और उम्मीद रखनी चाहिये कि सही निर्णय कर दोषियों को सजा दी जायेगी। 

राष्ट्रमंडल खेलों के भ्रष्टाचार पर नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक [कैग] की रपट कम से ये तो यकीन दिलाती है कि कहीं कोई तो है जो अपनी बात कह रहा है और गलत बात को पकड़ रहा है।

दूसरी बात ये है कि राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के समय जो भ्रष्टाचार का खेल चला उस के बाद ये बिलकुल स्पष्ट है कि भारत में अगर कोई बड़ा आयोजन हो रहा है तो सिर्फ इसलिये कि अधिकारी और नेता लोग पैसे खा सकें। 

आपको बताया ये जायेगा कि ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को सुविधायें मिलेंगी, नये स्टेडियम बनेंगे, शहर की हालत सुधरेगी आदि आदि लेकिन असल में सारा आयोजन बड़ें पैमाने जेब भरने के लिये होता है। 

हमें भारत में ओलम्पिक करने या विश्व कप फुटबाल का आयोजन करने के लिये की जाने वाली किसी भी मांग पर सतर्क हो जाना चाहिये।

Manisha शनिवार, 6 अगस्त 2011

भारत के क्रिकेट वर्ल्ड कप विजेता बनने पर बधाई


पिछले डेढ़ महाने से चल रहे क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 को भारत ने जीत लिया है और अब भारत क्रिकेट का नया विश्व विजेता है। सभी लोगों को इस बात के लिये बधाई।

आज भारत के अधिकांश लोगो में देशभक्ति जोर और हिलोरें मार रही है।

ऐसी ही देशभक्ति का जज्बा, जोश और जनून देश के लोग अब भ्रष्टाचार भारत की तमाम परेशानियों के लिये बने रखे ऐसी ही उम्मीद के साथ ऐक बार फिर क्रिकेट का नया विश्व विजेता बनने की बधाई।

Cricket World Cup 2011

Manisha रविवार, 3 अप्रैल 2011

तालीबान और नक्सलियों में समानता है


उड़ीसा के मलकानगिरी जिले के जिला कलेक्टर और एक इंजीनियर के अपहरण के बाद ये बात फिर से जाहिर हो गई कि भारत आंतरिक सुरक्षा के बहुत बड़े खतरे का समना कर रहा है। 

कई बार पहले जब भी माओवादी नक्सलियो द्वारा जब भी कई बड़ी वारदाते की गई हैं, तब सरकार ने हमेशा कहा कि नक्सलियों को मुकाबला किया जायेगा लेकिन फिर भुला दिया जाता है।  

नक्सलियों की अपनी एक विचारधारा है जिसको लागू करने के लिये वो कुछ भी करने के लिये तैयार रहते हैं। उ

धर पाकिस्तान में नक्सलियों के ही समान अपनी विचारधारा को थोपने के लिये तालीबान तमाम तरह के अपराध कर रहा है। दोनो ही तरह के संगठनों मे कई प्रकार की समानताये हैं :- तालीबान और नक्सलियों में समानता है
  1. नक्सली और तालीबानी दोनो ही अपनी विचारधारा को सबसे बड़ा मानते हैं।
  2. अपनी बातों को मनवाने के लिये नक्सली और तालीबानी लोगों की जान ले लेते हैं, अपहरण करते हैं, विकास कार्यों को रुकवाते हैं, हमले करते हैं और विरोधियों को खत्म करने मं यकीन रखते हैं।
  3. दोनो का ही प्रभाव काफी बड़े इलाकों में फैल गया है।
  4. दोनों ही प्रकार के संगठन लोकतंत्र को खत्म करने वाले हैं, अगर ये सत्ता में आ गये तो एक ही तरह की बात मानी जाती है। लोकतंत्र हमेश के लिये खत्म।
  5. दोनों ही तरह के संगठनों को अपने अपने देशों के प्रभावशाली लोगों का समर्थन प्राप्त है जो इनके समर्थन में आवाज उठाते रहते हैं।
  6. भारत और पाकिस्तान दोनों ही तरफ की सरकारें इन को समाप्त करने और इनसे लड़ने की बातें तो करती हैं, पर कुछ करती नहीं हैं।
  7. बड़े-ब़ड़े नेताओं के इन संगठनो के साथ संबंध हैं।
  8. दोनो प्रकार के संगठन दहशत फैला कर अपना प्रभाव बढ़ाते हैं।
उचित यही होगा कि भारत के लोग और सरकार समय रहते चेत जायें और इस तरह के सशस्त्र संगठनो का दमन करें।

Manisha शनिवार, 19 फ़रवरी 2011

कोई माहौल नहीं है एशियाई खेलों का


आज से चीन के ग्वांग्झू शहर में शुरु हो रहे 16वें एशियाई खेलों के लिये लगता है कि भारत में कोई उत्साहवर्धक
Asian Games 2010
माहौल नहीं हैं।

दिल्ली में 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन इसी नाम पर किया गया था कि भारत में खेलों को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन केवल एक महीने बाद ही लोगों को ढंग से पता भी नहीं है कि कहीं एशियाई खेल भी हो रहे हैं। 

मीडिया में और खास कर टीवी पर इसके बारे में को विशेष नहीं बताया जा रहा है। 

पिछले एशियाई खेल जो दोहा में हुये थे में भारत पदक तालिका में 10वें स्थान पर रहा था, लेकिन इस बार राष्ट्रमंडल खेलों  में भारत के खिलाडियों के अच्छे प्रदर्शन को देखकर उम्मीद की जानी चाहिये कि भारत का प्रदर्शन कुछ बेहतर रहेगा।

Manisha शुक्रवार, 12 नवंबर 2010

श्राद्ध पक्ष में राष्ट्रमंडल खेल – परेशानी ही परेशानी


कई प्रकार के विवादों से घिरे 19वें राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर तमाम तरह की बातें कही जा रही हैं। 
Commonwealth Games

मेरे भी मन में दो बातें हैं। पहली तो ये कि अक्टूबर के आरम्भ का समय भारत में खेलों के लिहाज से गर्म और ऊमस भरा होता है। 

ये अलग बात है कि दिल्ली में अभी तक बारिश हो रही है जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है लेकिन जिस दिन बारिश नहीं होती उस दिन गर्मी और ऊमस परेशान कर देती है। 

ऐसे में इस समय तो खिलाड़ियो का पसीना ज्यादा बहेगा जिनसे उन के प्रदर्शन पर असर पड़ेगा। वहीं दर्शकों को भी धूप में गर्म और ऊमस के वातावरण में स्टेडियम में बैठना मुश्किल हो जायेगा।

दूसरी बात है कि राष्ट्रमंडल खेलों के उदघाटन के समय भारत में श्राद्ध पक्ष चल रहा होगा जिसमें मान्यता है कि कोई अच्छा काम नहीं किया जाता। वैसे ही कुछ लोग मना रहे है राष्ट्रमंडल खेल फ्लाप हो जायें, ऐसे में आयोजकों को श्राद्धों के दिनों का ध्यान कर लेते तो अच्छा ही रहता।

मेरे विचार में भारत में नवंबर के आरम्भ और फरवरी के अंत का मौसम इस प्रकार के बड़़े अंतर्राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिये उपयुक्त रहता। बहरहाल हर भारतीय की तरह मेरे भी शुभकामना है कि दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल सफलतापूर्वक संपन्न हो ताकि भारत का नाम रोशन रहे।

Manisha गुरुवार, 23 सितंबर 2010

कश्मीर समस्या पर कहे जाने वाले कुछ जुमले


कश्मीर को लेकर भारत की समस्या अब अगले दौर में पहुंच गई है। अब की बार बहुत सोच-समझ कर
कश्मीर समस्या
अलगाववादियों द्वारा जो योजना बनाई गई है उसमें पत्थर फेंक कर विरोध का नया तरीका ढूढ़ा गया है। 

खैर मैं कश्मीर की स्थिति के बारे में बात न करके पिछले 63 सालों से चले आ रहे कुछ जुमलों की बात करना चाहती हूं जो कि हमेशा सुनाई पड़ते रहते है। देखिये कश्मीर को लेकर कैसी कैसी बाते की जाती हैं।

  • कश्मीर भारत का अटूट अंग है – ये बात भारत सरकार द्वारा हमेशा कही जाती है, हालांकि आजकल कम ही ऐसा कहा जाता है। ये बात अलग है कि शायद ही कभी आपने पाक अधिकृत कश्मीर, गिलगित, बालटिस्तान, हुंजा, अक्साई चिन को भारत का हिस्सा बताने की बात भारत सरकार या भारत के नेताओं से सुनी हो।
  • कश्मीर से धारा 370 हटाओ – राष्ट्रवादी और हिंदुवादियों का प्रिय जुमला। इन्ही लोगों द्वारा सत्ता में आने के बाद इसी धारा 370 के समर्थन में बयान जारी किये गये, अब फिर से कभी कभी सुनाई पड़ता है। चूंकि ये बात हिंदुवादियों द्वारा कही जाती है इसलिये भारत के तमाम बु्द्धिजीवी और कॉलमिस्ट धारा 370 को जारी रखने के पक्ष में पूरी जान लगा कर लेख लिखते रहते हैं।
  • कश्मीर  में जनमत संग्रह कराया जाये – जब से भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र संघ में कश्मीरियो को आत्मनिर्णय की बात मानी थी तब से पाकिस्तान और कश्मीर  को अलगाववादी इस बात की रट लगाते रहते है, भारत सरकार इससे बचती है। अब ये बात पुरानी हो गई है।
  • कश्मीर की समस्या भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधो के सुधार में बाधक है – पाकिस्तान की सरकार का ये पारंपरिक बयान है जिसमें कहा जाता है कि जब तक कश्मीर समस्या को हल नहीं किया जाता, भारत और पाकिस्तान के संबंध सामान्य नहीं हो सकते। यहां तक की पाकिस्तान की धरती से होने वाले आतंकवाद पर भी तभी रोक लग सकती है जब भारत कश्मीर की समस्या को सुलझाये।
  • कश्मीर  भारत की धर्मनिरपेक्षता की कसौटी है – ये बात भी कई बार कही जाती है कि कश्मीर भारत की धर्मनिरपेक्ष नीतियों की पहचान है जहां पर सब धर्मों के नोग मिल कर रहते हैँ। कश्मीर के अलग होने की स्थिति में शेष भारत में रह रहे अल्पसंख्यकों की स्थिति पर फर्क पड़ेगा।
  • ये कश्मीरियत की पहचान की समस्या का संघर्ष है – ये बात हमारे देश के बूद्धिजीवियों द्वारा 90 के दशक के शुरूआत मे जब सशस्त्र संघर्ष शुरू हुआ था, तब कही जाती थी और बताया जाता था कि कश्मीरियित तो सहिष्णुतावादी, धर्मनिरपेक्ष, सूफीवादी परंपरा है, लेकिन जल्दी ही पता चल गया कि ये अलगाववाद का आंदोलन है जोकि कश्मीर को भारत से अलग करने का पाकिस्तानी योजना है। फिर ये बात सुनाई देनी बंद हो गई। अब जब से कश्मीर में पत्थरबाजी शुरू हुई है, घुमा-फिरा कर इसी तरह की बात की जा रही कि ये युवाओॆ का संघर्ष है आदि आदि।
  • कश्मीर को स्वायत्तता दो – ये जोर शोर से कश्मीर की नेशनल कांफ्रेंस द्वारा कही जाती है, इस बात के लिय प्रधानमंत्री संविधान के दायरे में रहकार बात करने को तैयार हैं।
  • दूध मांगो खीर देंगे, कश्मीर मांगो चीर देंगे – ये बात भारत कुछ अति राष्ट्रवादियों द्वारा कही जाती थी, लेकिन जब इन लोगों द्वारा समर्थित सरकार द्वारा बिना शर्त कश्मीर में वार्ता आरम्भ की गई और समस्या के लिये जिम्मेदार पाकिस्तान के राष्ट्रपति मुशर्रफ को भारत बुलाया तब से ये बात कहीं गायब हो गई है।
  • कश्मीर को लेकर हमारा समर्थन नैतिक है – मुंह में राम और बगल में छुरी का उदाहरण, पाकिस्तान ने व्यापक योजना बनाकर कश्मीर में आतंकवाद और सशस्र् संघर्ष जारी रखा हुआ है लेकिन हमेशा कहता है कि वो कश्मीर में जारी स्वतंत्रता आंदोलन को नैतिक समर्थन देता है।
  • कश्मीर बनेगा पाकिस्तान – ये नारा कश्मीर के अलगाववादियों और पाकिस्तान में होने वाली कश्मीर के समर्थन में होने वाली रैलियों में लगाया जाता है।
  • हमें क्या चाहिये – आजादी- आजादी -  कश्मीर के कुछ अलगाववादियों (खासकर जेकेएलएफ) द्वारा लगाये जाने वाला एक और नारा । पाकिस्तानी इस नारे को पसंद नही करते क्योंकि इससे एक तो कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने की योजना को पलीता लगता है वहीं उसके वहीं उसके खुद के कब्जे वाले कश्मीर को भी हाथ से निकल जाने का खतरा है।

इसी तरह की कई बातें आये दिन कही जाती रहती हैं। अगर कल को कश्मीर अगर भारत से अलग भी हो गया तो भारत के बुद्धिजीवी और शांतिवादि आपको ये बताने लगेंगे कि देखो कश्मीरी हमारे जैसे ही, हमारे भाई हैं जिनकी हमें मदद करनी चाहिये इत्यादि।

Manisha रविवार, 12 सितंबर 2010

जी हां, यहीं होगा अगर तालीबान न हारा तो!


तालीबान के कालो कारनामे Taliban

अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका टाइम (TIME) द्वारा अपने नये अंक में छापे गये आलेख और चित्र द्वारा दुनिया को चेताया है कि अफगानिस्तान में क्या हो सकता है यदि वहां पर तालीबान को न हराया गया तो। 

ये खतरा जितना अफगानिस्तान के लिये वास्तविक है क्योंकि वहां के लोग तो तालीबान के 5 वर्षों के राज में देख चुके हैं कि कितना जालिम राज्य था उनका, बल्कि पाकिस्तान, कश्मीर और भारत के लोगों के लिये भी है। 

अगर अमेरिका अपने कहे अनुसार तालीबान को बिना हराये अफगानिस्तान से निकल गया तो फिर वहां पर पाकिस्तान की मदद से वापस से तालीबान आसानी से कब्जा कर लेगा और फिर ये खतरा सीधे भारत की सीमा तक आ जायेगा। 

उम्मीद की जानी चाहिये अमेरिका के राष्ट्रपति भारत के नेताओं की तरह लफ्फाजी में फंसकर कोई फैसला न लेकर अपनी दुनिया के प्रति जिम्मेदारी निभायेंगे और पहले की तरह अफगानिस्तान से भाग नहीं जायेंगे। 

टाइम पत्रिका के इस आलेख से एक विवाद तो खड़ा हो गया है लेकिन मैं इस मामले में टाइम पत्रिका के साथ हूं क्योंकि मुझे मालूम है कि औरतों की स्थिति तालीबान के राज में क्या थी और क्या होगी?  

क्या ये नाक कटी महिला को ह्दय विदारक तस्वीर आपको सचेत नहीं करती है?

Manisha शुक्रवार, 6 अगस्त 2010